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नेपाल में फिर प्रकृति का कहर: मूसलाधार बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड से 21 लोगों की मौत, 5 लापता

काठमांडू: नेपाल में लगातार चार दिनों से हो रही भारी बारिश और तूफान ने कई इलाकों में तबाही मचा दी है। भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, देशभर में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 लोग लापता हैं और 5 अन्य घायल हुए हैं।

भूस्खलन से सबसे ज्यादा नुकसान

NDRRMA के मुताबिक, मरने वालों में सबसे अधिक संख्या भूस्खलन की घटनाओं में हुई है। भूस्खलन से 14 लोगों की मौत हुई है और 5 लोग लापता हैं। वहीं, बाढ़ से 4 लोगों की जान गई, जबकि लगातार भारी बारिश के कारण 3 लोगों की मौत हुई है।

नेपाल के बागलुंग जिले में भी भूस्खलन की एक घटना में चार लोगों की मौत हुई है। वहीं, हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप के पास हिमस्खलन की घटना में स्थानीय कर्मचारियों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।

3 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

भारी बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों से करीब 3 हजार लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। जाजरकोट, म्याग्दी और संखुवासभा जैसे पर्वतीय जिलों में फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए भी बाहर निकाला गया।

लगातार बारिश के कारण कई जगह सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। चितवन की ओर जाने वाले कई राजमार्ग भूस्खलन के कारण बाधित बताए जा रहे हैं। वहीं, नारायणी नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर पार कर बस्तियों की ओर बढ़ने लगा, जिसके बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा

नेपाल के अधिकारियों ने कई जिलों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा जताया है। इससे पहले रिपोर्टों में देश के 77 में से 49 जिलों में संभावित फ्लैश फ्लड को लेकर चेतावनी दी गई थी। कई प्रमुख नदियों और सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

भारी बारिश के कारण बिजली और दूरसंचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। कुछ इलाकों में ऑप्टिकल फाइबर और बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचने से संचार व्यवस्था बाधित हुई है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है।

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