HomeNationalपीएम मोदी का बड़ा बयान: भारत ने दुनिया को सस्ती दवाएं-टैलेंट दिया,...

पीएम मोदी का बड़ा बयान: भारत ने दुनिया को सस्ती दवाएं-टैलेंट दिया, बदले में क्रेडिट-रॉयल्टी भी नहीं ली!

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत ने दुनिया को सस्ती दवाएं, प्रतिभाशाली युवा और तकनीकी क्षमताएं उपलब्ध कराकर वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। भारत ने अपनी उपलब्धियों के बदले दुनिया से रॉयल्टी मांगने के बजाय अपनी क्षमताओं को साझा करने पर जोर दिया है। उन्होंने शून्य जैसी गणितीय अवधारणा का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने इसके लिए भी कभी रॉयल्टी नहीं मांगी।

प्रधानमंत्री मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित कर रहे थे। 13 से 15 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों के नेता, कारोबारी, निवेशक और तकनीकी विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। इस वर्ष फोरम की थीम बदलती दुनिया में शक्ति के नए स्रोतों की पहचान और वैश्विक अर्थव्यवस्था में आ रहे बदलावों पर केंद्रित है।

दुनिया के लिए भरोसेमंद साझेदार है भारत

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब दुनिया को सस्ती दवाओं और प्रतिभाशाली लोगों की जरूरत होती है, तब भारत एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में सामने आता है। भारत का दृष्टिकोण अपनी क्षमताओं को केवल अपने तक सीमित रखने के बजाय उनका लाभ दूसरे देशों और लोगों तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि किसी देश की ताकत का उद्देश्य सिर्फ अपने हितों को आगे बढ़ाना नहीं होना चाहिए, बल्कि दूसरे देशों के लिए अवसर पैदा करना भी होना चाहिए। वैश्विक संकट के समय भारत सहयोग और जिम्मेदारी निभाने के लिए आगे आता है।

वैक्सीन से लेकर डिजिटल टेक्नोलॉजी तक भारत का योगदान

प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने संकट के दौरान 100 से अधिक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराई। इससे वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में भारत की भूमिका सामने आई।

उन्होंने डिजिटल तकनीक और सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाने वाली व्यवस्था का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, इन पहलों ने भारत की तकनीकी क्षमता और बड़े स्तर पर योजनाओं को लागू करने की क्षमता को प्रदर्शित किया है।

एआई और सप्लाई चेन में भरोसा जरूरी

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद चुनौतियों पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन, ऊर्जा, खनिज, भुगतान प्रणाली और तकनीक जैसे क्षेत्र अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा के महत्वपूर्ण हिस्से बन चुके हैं।

उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह लगभग हर क्षेत्र में काम करने के तरीकों को बदल रहा है। ऐसे समय में देशों के बीच भरोसा और सहयोग बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।

बदलती दुनिया में भारत की भूमिका अहम

प्रधानमंत्री के संबोधन का प्रमुख संदेश यह रहा कि वैश्विक शक्ति का वास्तविक अर्थ केवल संसाधनों और तकनीक पर नियंत्रण रखना नहीं, बल्कि अपनी क्षमताओं के माध्यम से दुनिया के लिए नए अवसर तैयार करना भी है। भारत दवाओं, प्रतिभा, डिजिटल तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments