कानपुर: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह के पास तेल टैंकर पर हुए ड्रोन हमले के बाद कानपुर के मर्चेंट नेवी चीफ इंजीनियर नितिन शुक्ला के परिवार की चिंता बढ़ गई। हालांकि, नितिन ने फोन पर अपने पिता राजेश शुक्ला को अपनी सलामती की जानकारी दी और भरोसा दिलाया कि वह जल्द घर लौटेंगे। बेटे की आवाज सुनने के बाद परिवार को कुछ राहत मिली है।
पिता से फोन पर बोले- परेशान मत होना
कानपुर के श्याम नगर निवासी राजेश शुक्ला के मुताबिक, बेटे नितिन से उनकी करीब एक मिनट तक बातचीत हुई। इस दौरान नितिन ने उन्हें परेशान नहीं होने की सलाह दी। उन्होंने पिता से कहा कि मां और पत्नी अंकिता का ध्यान रखें, वह जल्द वापस लौटेंगे।
नितिन के इस संदेश ने परिवार को भावुक कर दिया। परिजन लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। परिवार के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि हमले के बाद भी नितिन अपने परिजनों से संपर्क कर सके।
शारजाह के पास जहाज पर हुआ ड्रोन हमला
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह के पास पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर MT GEM NO. 2 पर ड्रोन हमला हुआ था। जहाज पर 22 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। हमले के बाद सभी ने लाइफबोट की मदद से जहाज से निकलकर अपनी जान बचाई।
केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी चालक दल के सभी 22 भारतीय सदस्यों के सुरक्षित होने की जानकारी दी थी। भारत सरकार ने जहाज का प्रबंधन करने वाली कंपनी के संपर्क में रहने और चालक दल की सुरक्षा पर नजर रखने की बात कही थी।
20 साल से मर्चेंट नेवी में काम कर रहे हैं नितिन
परिवार के मुताबिक, नितिन शुक्ला पिछले करीब 20 वर्षों से मर्चेंट नेवी में काम कर रहे हैं। वह फ्लीटिंग शिपिंग कंपनी में चीफ इंजीनियर के पद पर तैनात हैं। बताया गया कि वह जून में जहाज पर ड्यूटी के लिए गए थे।
परिजनों का कहना है कि जहाज लंबे समय से होर्मुज क्षेत्र के आसपास था। नितिन पहले भी फोन पर आसपास मिसाइलें गिरने की जानकारी देते थे। उनकी पत्नी अंकिता के अनुसार, घटना से पहले जहाज को वहां से हटाने की धमकियां मिलने की बात भी सामने आई थी। हालांकि, हमले के पीछे की वजह और जिम्मेदार पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पिता ने सांसद और प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
बेटे की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए नितिन के पिता राजेश शुक्ला ने भाजपा सांसद रमेश अवस्थी और प्रशासन से मदद की अपील की है। परिवार चाहता है कि नितिन और उनके साथियों को जल्द सुरक्षित भारत लाने की व्यवस्था की जाए।
परिवार के लिए यह समय चिंता और इंतजार से भरा है। नितिन की पत्नी अंकिता, मां और अन्य परिजन उनकी वापसी की राह देख रहे हैं। पिता को दिया गया नितिन का भरोसा परिवार को मुश्किल घड़ी में हिम्मत दे रहा है।
सभी भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सरकार की नजर
ड्रोन हमले के बाद भारतीय चालक दल की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है। केंद्रीय जहाजरानी मंत्री के अनुसार, सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित थे और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जहाज प्रबंधन कंपनी के साथ संपर्क बनाए रखा गया था।
फिलहाल, नितिन शुक्ला के परिवार की प्राथमिकता उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी है। परिजन संबंधित अधिकारियों से जल्द मदद मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।

