नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल का वर्ष 2011 का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। इस वीडियो में सिब्बल अन्ना हजारे आंदोलन के दौरान प्रदर्शन के अधिकार और प्रदर्शन स्थल को लेकर अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं।
रिजिजू ने सिब्बल के पुराने बयान को मौजूदा राजनीतिक विवाद से जोड़ते हुए कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस और राहुल गांधी अपने ‘लीगल गुरु’ की सलाह मानेंगे? रिजिजू ने अपनी पोस्ट में सिब्बल को लेकर तीखी टिप्पणी भी की और दावा किया कि उनका पुराना बयान कांग्रेस की मौजूदा दलीलों पर सवाल खड़े करता है।
2011 के वीडियो में क्या कह रहे हैं कपिल सिब्बल?
रिजिजू की ओर से साझा किया गया वीडियो वर्ष 2011 का बताया जा रहा है। उस समय अन्ना हजारे आंदोलन के दौरान कपिल सिब्बल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदर्शन के अधिकार और उसके लिए स्थान तय करने के मुद्दे पर बोल रहे थे।
वीडियो में सिब्बल कहते सुनाई देते हैं कि नागरिकों को विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे अपनी पसंद की किसी भी जगह पर प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा था कि हर प्रदर्शन एक निर्धारित दायरे में होना चाहिए और सार्वजनिक व्यवस्था, यातायात तथा आम लोगों की सुविधा का ध्यान रखना जरूरी है।
सिब्बल ने अपने बयान में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का भी हवाला दिया था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा था कि यदि बड़ी संख्या में लोग सड़क पर इकट्ठा हो जाएं, तो इससे यातायात प्रभावित हो सकता है और आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने जैसी जरूरी सेवाओं में बाधा आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रदर्शन का स्थान तय करने में पुलिस कमिश्नर की भूमिका होती है।
जंतर-मंतर के मुद्दे पर आमने-सामने हैं सत्ता पक्ष और विपक्ष
दिल्ली में जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में निर्धारित दर्जा समाप्त किए जाने के बाद से विपक्षी दल केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर सवाल उठा रहे हैं। दिल्ली पुलिस के 11 अक्टूबर 2026 के आदेश के तहत प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को वैकल्पिक स्थल के रूप में तय किया गया है।
इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी गई है। 15 अक्टूबर को शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा था। फिलहाल जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल का दर्जा बहाल नहीं किया गया है।
एक नवंबर को रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की महारैली
इंडिया गठबंधन एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली आयोजित करने जा रहा है। विपक्षी दल इस रैली के जरिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), कथित वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जैसे मुद्दे उठाने की तैयारी में हैं।
इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में किरेन रिजिजू ने कपिल सिब्बल का पुराना वीडियो साझा किया है। उनके इस पोस्ट के बाद प्रदर्शन के अधिकार, प्रदर्शन स्थल के निर्धारण और विपक्ष की मौजूदा राजनीतिक मांगों को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।

