उज्जवल दुनिया संवाददाता
हजारीबाग। उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल हजारीबाग रेंज के डीआईजी अंजनी कुमार झा मासूम बच्चों के लापता होने के मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने रेंज के अधीन आने वाले पांच जिलों हजारीबाग, गिरिडीह, चतरा, कोडरमा और रामगढ़ में बच्चों की गुमशुदगी और उनकी बरामदगी के मामलों की समीक्षा के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट और निर्देश जारी किए हैं। डीआईजी द्वारा की गई इस आधिकारिक समीक्षा में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि हजारीबाग रेंज में विभिन्न वर्षों से कुल 25 बच्चे अब भी लापता हैं, जिनकी बरामदगी के लिए पुलिस का अनुसंधान और छापेमारी जारी है। हालांकि, बीते अगस्त-सितंबर महीने में त्वरित कार्रवाई करते हुए छह बच्चों को सकुशल बरामद भी कर लिया गया है।
जिलेवार आंकड़े: कहां कितने मासूम अब भी हैं लापता?
आंकड़ों के अनुसार, लंबित 26 मामलों में कुल 25 बच्चे अब भी पुलिस की पहुंच से दूर हैं
हजारीबाग जिले से 10 बच्चे लापता। गिरिडीह जिले से नौ बच्चे लापता।चतरा जिले से पांच बच्चे लापता, जिनमें चार बच्चे लापता हैं और एक की मृत्यु हो गई है।
रामगढ़ जिले से दो बच्चे लापता।
कोडरमा जिला: इस श्रेणी में कोई लंबित मामला दर्ज नहीं है।
हाल ही में मिली सफलता, छह बच्चे हुए बरामद
पुलिस की कार्रवाई में 6 बच्चों को सकुशल ढूंढ निकाला गया है।
गिरिडीह: बिरनी थाना क्षेत्र से 16 वर्षीया पायल कुमारी को माखमरगो गांव से बरामद किया गया। चतरा: सदर थाना क्षेत्र की सलोनी कुमारी (16 वर्ष), सोनी कुमारी (14 वर्ष) और मिठु कुमारी (13 वर्ष) की बरामदगी की गई और मामलों में आरोप पत्र समर्पित किया जा रहा है। कोडरमा: तिलैया थाना क्षेत्र का विराट गुप्ता (15 वर्ष) स्वयं सकुशल घर लौट आया।
डोमचांच थाना क्षेत्र की अनिश परवीन (16 वर्ष) को रोहतास (बिहार) से बरामद कर परिजनों को सौंपा गया और एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
DIG ने दिए कड़े निर्देश: ‘गोल्डन आवर’ और एसओपी का पालन अनिवार्य
DIG अंजनी झा ने मामलों की गंभीरता को देखते हुए हजारीबाग, गिरिडीह, चतरा, कोडरमा और रामगढ़ एसपी को कई सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

