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हजारीबाग में महा-विस्थापन का खतरा! बड़कागांव में 1839 एकड़ भूमि पर बुलडोजर चलाने की तैयारी, 11 गांवों की धरती होगी कोयला खदान के हवाले

-744.29 हेक्टेयर भूमि आएगी दायरे में, रैयतों को 90 दिनों के भीतर दावा पेश करने का मौका
-अजय निराला/ उज्जवल दुनिया संवाददाता
हजारीबाग। जिले के बड़कागांव प्रखंड क्षेत्र में प्रस्तावित चट्टी बरियातु दक्षिण कोयला खनन परियोजना के लिए केंद्र सरकार के कोयला मंत्रालय ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भारत के राजपत्र में 24 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार परियोजना के लिए 11 गांवों की कुल 1,839.14 एकड़ यानी करीब 744.29 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के दायरे में आएगी। अधिसूचना कोयला धारक क्षेत्र (अर्जन और विकास) अधिनियम, 1957 की धारा 4(1) के तहत जारी की गई है। अधिसूचना के अनुसार जिन गांवों की जमीन अधिग्रहण के दायरे में आएगी, उनमें भदईखाप, टड़वा, चट्टीबरियातु, जोरदाग, कराली, करडारी, खपिया, लोइसुकवार, ओमी, पगार और पेटो शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक भूमि जोरदाग की 665.69 एकड़ और ओमी की 357.41 एकड़ है। इसके अलावा लोइसुकवार की 182.48 एकड़, भदईखाप की 176.18 एकड़, पगार की 171.81 एकड़, चट्टीबरियातु की 112.63 एकड़, पेटो की 62.05 एकड़, खपिया की 53.45 एकड़, कराली की 33.83 एकड़, करडारी की 15.88 एकड़ और टड़वा की 4.74 एकड़ भूमि अधिग्रहण के दायरे में बताई गई है।
राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित गांवों में जमीन, मुआवजा, पुनर्वास, रोजगार और आजीविका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि कितने परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे और कितने परिवारों को विस्थापन का सामना करना पड़ेगा, यह भूमि और रैयतों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

90 दिनों में दावा पेश करने का प्रावधान
अधिसूचना में प्रभावित भूमि में किसी प्रकार का हित रखने वाले लोगों को राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से 90 दिनों के भीतर अपने दावे और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। संबंधित लोग अपने दावे एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के चट्टी बरियातु दक्षिण कोयला खनन परियोजना के सिकरी साइट कार्यालय में जमा कर सकते हैं। संभावित क्षति के लिए संबंधित अधिनियम के प्रावधानों के तहत मुआवजे का दावा भी किया जा सकता है।

विभिन्न कार्यालयों में उपलब्ध रहेगा भूमि का नक्शा
अधिग्रहण क्षेत्र से संबंधित रेखांक धारक संख्या HQS & DN 25212, दिनांक 3 नवंबर 2025 का निरीक्षण संबंधित कार्यालयों में किया जा सकता है। अधिसूचना के अनुसार यह नक्शा एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड के सिकरी साइट कार्यालय, केंद्रीय खान योजना एवं डिजाइन संस्थान, रांची, कोयला नियंत्रक संगठन, नई दिल्ली, जिला कलेक्टर, हजारीबाग के कार्यालय तथा एनटीपीसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध रहेगा।
अधिसूचना में प्रस्तावित परियोजना की सीमा का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है, जिसमें पगार, ओमी, भदईखाप और जोरदाग समेत कई गांवों के क्षेत्र शामिल हैं।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ अब रैयतों के दावे, भूमि सत्यापन, मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण होंगे। चट्टी बरियातु दक्षिण कोयला परियोजना को लेकर जारी अधिसूचना ने बड़कागांव क्षेत्र में कोयला परियोजनाओं से जुड़े भूमि अधिग्रहण, विस्थापन और आजीविका के सवालों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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