अजय निराला/उज्जवल दुनिया संवाददाता
हजारीबाग। जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र के नावाडीह जंगल में मंगलवार को बम विस्फोट की तीन घटनाओं ने वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। लगातार हुए धमाकों के बाद जंगल पहुंचे ग्रामीणों को वहां तीन जानवर मृत मिले। मृत जानवरों में एक ग्रामीण का सूअर, एक कुत्ता और एक जंगली सियार शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि शिकार के लिए विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था।
धमाकों की आवाज सुनकर जंगल पहुंचे ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार को जंगल की ओर से एक के बाद एक तीन तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर पहुंचे। जंगल में पहुंचने पर अलग-अलग स्थानों पर तीन जानवर मृत अवस्था में मिले। घटना की जानकारी तत्काल पुलिस और वन विभाग को दी गई।
इसी दौरान ग्रामीणों ने जंगल के आसपास दो संदिग्ध लोगों को भी देखा। ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन दोनों जंगल के रास्ते भागने में सफल रहे।
मौके पर छूटा सामान, स्कूटी पुलिस ने जब्त की
संदिग्धों के फरार होने के बाद मौके छूटे समानों की तलाशी ली गई। वहां से एक बैग, कुछ कपड़े और एक स्कूटी बरामद हुई। पुलिस ने इन सभी सामानों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। बरामद सामान के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
शिकार के लिए विस्फोटक इस्तेमाल की आशंका
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में नीलगाय और जंगली सूअर की संख्या काफी है और इनके शिकार के लिए बाहरी लोग जंगल में पहुंचते हैं। हालांकि, इस घटना में वास्तव में विस्फोटक किसने लगाया और उसका उद्देश्य क्या था, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी ने बताया कि घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। मामले में आगे की कार्रवाई वन विभाग की ओर से की जाएगी।
वन विभाग ने शुरू की जांच
वनरक्षी वीरेंद्र कुमार के अनुसार जंगल में वन्यजीवों का शिकार करना कानूनन अपराध है। शिकार के लिए बम या किसी अन्य विस्फोटक का इस्तेमाल किया जाना मामले को और गंभीर बनाता है। वन विभाग की टीम घटना की जांच कर रही है और संदिग्ध आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण सर्वजीत कुमार ने प्रशासन से मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी जरूरी है, ताकि जंगल में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की जांच जारी है। बरामद स्कूटी और अन्य सामान के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

