रांची। 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक 8 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में होगी। बैठक में झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर भी शामिल होंगे। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी। बैठक पहले 7 अक्टूबर को प्रस्तावित थी, लेकिन इसे एक दिन के लिए टाल दिया गया।
झारखंड सरकार इस बैठक में राज्य के राजस्व हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने की तैयारी में है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर जीएसटी व्यवस्था में बदलाव के बाद राज्य के राजस्व पर पड़े प्रभाव, जीएसटी मुआवजे में कमी और राज्यों के कराधिकार से जुड़े विषयों पर राज्य का पक्ष रखेंगे।
GST मुआवजे में भारी गिरावट का मुद्दा
झारखंड सरकार का कहना है कि जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी के बावजूद राज्य को मिलने वाले मुआवजे में लगातार कमी आई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में झारखंड का स्टेट जीएसटी संग्रह करीब 13,980 करोड़ रुपये रहा, जबकि इसी अवधि में गैर-कर्ज जीएसटी मुआवजा लगभग 36 करोड़ रुपये रहा।
राज्य सरकार का तर्क है कि जीएसटी व्यवस्था को सरल बनाने के साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि राज्यों के राजस्व हित प्रभावित न हों। झारखंड विशेष रूप से मुआवजे और राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता का मुद्दा उठाएगा।
राज्यों के टैक्स अधिकार पर भी चर्चा
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर राज्यों के कराधिकार से जुड़े मुद्दों को भी बैठक में रखने की तैयारी में हैं। राज्य सरकार की ओर से वैट से संबंधित अधिकारों और राज्यों को मिलने वाले उचित राजस्व हिस्से का विषय उठाए जाने की संभावना है।
झारखंड सरकार का मानना है कि कर व्यवस्था में बदलाव के दौरान राज्यों के वित्तीय अधिकार और संघीय ढांचे का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
MMDR संशोधन को लेकर भी आपत्ति
झारखंड सरकार खनन क्षेत्र से जुड़े MMDR कानून में किए गए बदलावों का मुद्दा भी उठाने की तैयारी में है। राज्य का कहना है कि खनिज संपदा वाले राज्यों के अधिकारों और राजस्व हितों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
वित्त मंत्री का दावा है कि जीएसटी में बदलाव, MMDR संशोधन और अन्य केंद्रीय नीतियों के कारण झारखंड को करीब 20 से 22 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। यह राज्य सरकार का आकलन है।
GST सुधारों पर भी होगी चर्चा
57वीं GST काउंसिल की बैठक में GST रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, रिफंड, इनपुट टैक्स क्रेडिट और अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाने जैसे विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, बैठक का औपचारिक एजेंडा 6 अक्टूबर तक सार्वजनिक नहीं किया गया था।
बैठक में राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ केंद्र सरकार जीएसटी व्यवस्था को और सरल बनाने तथा कारोबारियों के लिए अनुपालन संबंधी प्रक्रियाओं को आसान करने पर विचार कर सकती है।

