-9 बच्चों पर टूटा संकट
गुमला : – गुमला सदर थाना के अंतर्गत स्थित फोरी अंबाटोली गांव में पत्नी ने अपने पति को लाठी – डंडे और पत्थर से सिर कूच कूचकर कर दी निर्मम हत्या, मृतक पति का नाम गंगू उरांव है, बताया जाता है की गंगू उरांव नशे से धुत होकर अपने घर पहुंचा, इसी क्रम में दोनो पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद को लेकर झगड़ा इतना बढ़ गया कि पत्नी फगनी देवी काफी आक्रोशित होकर उसने सर्वप्रथम पति गंगू उरांव के सिर पर लाठी से लगातार कई वार कर दी और फिर इसके बाद उसने पत्थर से उसका सिर कुच कुचकर निर्मम हत्या कर दी, फलस्वरुप गंगू उरांव की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई l
उक्त घटना की सूचना मिलते ही टोटो थाना प्रभारी कुंदन सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए, अपने दल बल के साथ उक्त घटनास्थल पर पहुंचेकर हत्या के आरोपी पत्नी फागुनी देवी क्यों उपस्थित लोगों से गहराई से पूछताछ करते हुए और गंगू उरांव के उक्त शव को अपने कब्जे में लेते हुए, उक्त शव को पोस्टमार्टम हेतु गुमला सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया, और पति की हत्या के आरोपी पत्नी फगुनी देवी को विधिवत गिरफ्तार करते हुए, और साक्षय के रूप में घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल क्या गया लाठी और पत्थर को भी बरामद किया गया और बाद में कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करते हुए आरोपी पत्नी फगनी देवी को न्यायालय में प्रस्तुत कर और न्यायिक हिरासत में लेते हुए, आरोपी पत्नी फगुआ देवी को दूधमुंहे बच्चे के साथ गुमला जेल भेज दिया गया।
शराब को लेकर अक्सर पति-पत्नी में होता था विवाद
ग्रामीणों के अनुसार गंगू उरांव को शराब की लत थी और वह सुबह होते ही शराब पी लिया करता था, और शराब के नशे से धूर्त होकर और घर पहुंचकर पत्नी से झगड़ा करना शुरू कर देता था, ग्रामीणों ने बताया गया कि नशे की लत को लेकर दोनों पति पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। आरोप है कि गंगू कई बार पत्नी के साथ मारपीट करता था। उसे जान से मारने का प्रयास भी कर चुका था, आरोप यह भी है कि गंगू कई बार पत्नी के साथ मारपीट करता था। उसे जान से मारने का प्रयास भी कर चुका था।
घर के मवेशियों की देखभाल में भी वह रुचि नहीं लेता था। ग्रामीणों के मुताबिक नशा करना और इसके बाद घर में विवाद करना रोज का कार्य था उसका दिन हो या रात वह नशे में घर लौटने के बाद विवाद करता ही था, इसी दौरान फगनी देवी ने उस पर हमला कर दिया।
ग्रामीण और परिजनों ने यह भी बताया की गंगू उरांव ने दो शादियां की थी, उसकी पहली पत्नी नौरा देवी की करीब सात वर्ष पहले ही मौत हो चूकि थी। पहली पत्नी से उसके चार बच्चे थे, जबकि दूसरी पत्नी फगनी देवी से पांच बच्चे हैं। पहली पत्नी की मौत के बाद उसके चार बच्चों की परवरिश और देखभाल की जिम्मेदारी भी फगनी देवी पर ही थी।
हत्या की आरोपी पत्नी खेती-बारी और मजदूरी करके उक्त बच्चों का पालन-पोषण करती थी। पति की मौत के बाद अब वह खुद हत्या के आरोप में जेल पहुंच गई है।
फलस्वरुप दुधमुंहे समेत 9 बच्चों का भविष्य अंधकार में हो गया है,
गंगू उरांव की हत्या के आरोप में फगनी देवी के जेल जाने के बाद उक्त बच्चों के सामने माता-पिता दोनों का सहारा नहीं रहा। बच्चों में सबसे छोटा अभी दुधमुंहा बच्चा है, जो अपनी मां के साथ जेल चला गया है और बाकी आठ बच्चों की उम्र लगभग एक से 17 वर्ष के बीच है।
अब सभी बच्चों की माँ के जेल जाने के बाद उक्त बच्चों का देखभाल और भविष्य को लेकर उक्त बच्चों के साथ गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच में जुटी है।




