पुणे। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर पर पाकिस्तान से जुड़े जासूसी मामले में गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि वह एक पाकिस्तानी महिला के संपर्क में था और बातचीत के दौरान देश के महत्वपूर्ण रक्षा प्रोजेक्ट से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा की। मामले की जांच के दौरान एजेंसियों को पाकिस्तान से जुड़े आईपी एड्रेस और वैज्ञानिक के बीच लंबे समय तक संपर्क के साक्ष्य मिले थे।
पाकिस्तानी महिला से लगातार संपर्क का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सितंबर 2022 से लेकर गिरफ्तारी से पहले तक संदिग्ध आईपी एड्रेस के माध्यम से वैज्ञानिक और महिला के बीच बातचीत हुई। खुफिया एजेंसियों को संदेह होने के बाद आईपी एड्रेस की जांच की गई, जिसमें पाकिस्तान कनेक्शन सामने आने का दावा किया गया।
इसके बाद मामले की जानकारी DRDO की विजिलेंस शाखा को दी गई। विजिलेंस स्तर पर जानकारी की जांच के बाद महाराष्ट्र एटीएस को मामले से अवगत कराया गया। एटीएस ने जांच के दौरान वैज्ञानिक के खिलाफ कई साक्ष्य जुटाए।
18 पन्नों की चार्जशीट में दर्ज आरोप
जांच एजेंसी की ओर से तैयार चार्जशीट में कथित तौर पर वैज्ञानिक द्वारा साझा की गई संवेदनशील सूचनाओं और संपर्क से जुड़े विवरण दर्ज किए गए। करीब 18 पन्नों के दस्तावेज को अदालत के समक्ष पेश किया गया।
प्रदीप कुरुलकर DRDO के पुणे स्थित प्रतिष्ठान में वरिष्ठ वैज्ञानिक और निदेशक पद पर कार्यरत रह चुका था। वह देश के कई महत्वपूर्ण रक्षा प्रोजेक्ट से जुड़ा रहा है। ऐसे में उस पर लगे आरोपों को जांच एजेंसियां गंभीरता से देख रही हैं।
नार्को टेस्ट से किया इनकार
जांच के दौरान नार्को टेस्ट को लेकर भी वैज्ञानिक से अनुमति मांगी गई थी। हालांकि, उसने नार्को टेस्ट कराने से इनकार कर दिया। मामले में उसके कथित बयानों और जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों को अदालत में रखा गया है।
हालांकि, किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। मामले में जांच एजेंसियां वैज्ञानिक के कथित पाकिस्तान संपर्क और संवेदनशील रक्षा सूचनाओं के संभावित आदान-प्रदान से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।

