नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा मानकों के कथित उल्लंघन को लेकर Everest Food Products Pvt. Ltd. और Lalji Godhoo & Co. के हींग पाउडर उत्पादों पर कार्रवाई की है। खाद्य नियामक के मुताबिक, जांच के दौरान लिए गए कुछ नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे और उन्हें मिसब्रांडेड तथा सब-स्टैंडर्ड पाया गया।
FSSAI ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कार्रवाई की जानकारी साझा की। नियामक के अनुसार, एवरेस्ट के हींग पाउडर की सभी किस्मों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया गया है।
जांच में क्या सामने आया?
FSSAI के मुताबिक, प्राथमिक खाद्य प्रयोगशाला के खाद्य विश्लेषक ने मिश्रित हींग (Compounded Asafoetida) के नमूनों की जांच की। जांच में नमूनों को निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।
नियामक के अनुसार, उत्पादों में अल्कोहल में घुलनशील अर्क (alcohol-soluble extract) की मात्रा निर्धारित मानक से कम पाई गई।
मिश्रित हींग के लिए निर्धारित न्यूनतम स्तर 5 प्रतिशत बताया गया है, जबकि एक नमूने में यह मात्रा शून्य प्रतिशत पाई गई।
पीली और काली हींग के सैंपल भी मानकों पर खरे नहीं
FSSAI के अनुसार, पीली हींग पाउडर और काली हींग पाउडर के नमूनों में भी निर्धारित मानकों से कम अल्कोहल-सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट पाया गया।
- पीली हींग पाउडर में यह मात्रा 3.29 प्रतिशत रही।
- काली हींग पाउडर में यह मात्रा 4.4 प्रतिशत पाई गई।
- निर्धारित मानक न्यूनतम 5 प्रतिशत बताया गया है।
FSSAI ने इन नमूनों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियम, 2011 के प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाया।
Lalji Godhoo की हींग पर भी कार्रवाई
खाद्य नियामक ने Lalji Godhoo & Co. के हींग उत्पादों पर भी बिक्री रोक से जुड़ी कार्रवाई की है।
FSSAI के अनुसार, मिश्रित हींग के पाउडर और टुकड़े वाले नमूनों में भी मानकों से जुड़ी खामियां पाई गईं। नियामक ने इन्हें कथित तौर पर मिसब्रांडेड और सब-स्टैंडर्ड भी बताया।
जांच में यह भी सामने आया कि मिश्रित हींग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली कच्ची हींग की कुछ किस्मों में स्टार्च की मात्रा अधिक थी।
FSSAI ने दिया सुधारात्मक कार्रवाई का निर्देश
नियामक ने Lalji Godhoo को खामियों को दूर करने के लिए एक एक्शन प्लान प्रस्तुत करने को कहा है। कंपनी को यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले उत्पादों का ही निर्माण और बिक्री हो।
FSSAI ने यह भी संकेत दिया है कि अगर निर्धारित कमियों को दूर नहीं किया गया तो आगे नियामक कार्रवाई की जा सकती है।
उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने रखता है?
FSSAI की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य उत्पादों में निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। संबंधित कंपनियों के उत्पादों पर कार्रवाई नियामक की जांच में सामने आई कमियों के आधार पर की गई है।
मुख्य पॉइंटर्स
- FSSAI ने Everest और Lalji Godhoo के हींग उत्पादों पर कार्रवाई की।
- एवरेस्ट के हींग पाउडर की सभी किस्मों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई गई।
- कुछ नमूनों को मिसब्रांडेड और सब-स्टैंडर्ड पाया गया।
- एक नमूने में अल्कोहल-सॉल्युबल एक्सट्रैक्ट 0% पाया गया।
- पीली हींग में यह मात्रा 3.29% और काली हींग में 4.4% रही।
- मिश्रित हींग के लिए न्यूनतम निर्धारित स्तर 5% बताया गया।
- Lalji Godhoo के नमूनों में भी गुणवत्ता और लेबलिंग से जुड़ी खामियां पाई गईं।
- कच्ची हींग में अधिक स्टार्च पाए जाने की बात FSSAI ने कही।
- Lalji Godhoo को सुधारात्मक एक्शन प्लान जमा करने का निर्देश दिया गया।
- कमियां दूर नहीं होने पर आगे कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

