धनबाद: जिले में जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) का दूसरा मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। पंचेत निवासी 12 वर्षीय मोहित टुडू में जापानी इंसेफेलाइटिस संक्रमण की पुष्टि हुई है। मोहित का इलाज एसएनएमएमसीएच के शिशु रोग विभाग में चल रहा है। डॉक्टरों ने संदेह के आधार पर उसका सैंपल माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच के लिए भेजा था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
इससे पहले धनबाद के तेलमच्चो निवासी 12 वर्षीय कन्हाई तुरी में भी जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हुई थी। गंभीर हालत में उसे एसएनएमएमसीएच लाया गया था, लेकिन जांच रिपोर्ट आने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
दूसरे बच्चे में संक्रमण की पुष्टि
पंचेत निवासी मोहित टुडू को शुक्रवार को इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया था। जेई की आशंका को देखते हुए चिकित्सकों ने उसका सैंपल जांच के लिए भेजा। शनिवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल में उसका इलाज जारी है।
धनबाद में कम समय के अंतराल में दो बच्चों में जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
कन्हाई के गांव में स्वास्थ्य विभाग ने किया फीवर सर्वे
कन्हाई तुरी की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम शनिवार को तेलमच्चो गांव पहुंची। जिला मलेरिया समन्वयक रमेश कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने ग्रामीणों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और फीवर सर्वे किया।
सर्वे के दौरान कन्हाई की बहन भी बुखार से पीड़ित मिली। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, बच्ची में फिलहाल जापानी इंसेफेलाइटिस के लक्षण नहीं पाए गए हैं। टीम उसकी स्थिति पर निगरानी रख रही है।
गांव में निगरानी और जांच बढ़ाई गई
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कन्हाई के गांव में लोगों की जांच के साथ मलेरिया स्क्रीनिंग भी की। विभाग की ओर से जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए टीकाकरण की योजना और गांव में कीटनाशक छिड़काव की तैयारी की जा रही है। मच्छरों के लार्वा की स्थिति का पता लगाने के लिए सैंपल लेने की बात भी सामने आई है।
स्वास्थ्य विभाग का फोकस फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान और संक्रमण की स्थिति पर नजर बनाए रखने पर है।

