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बायजूज के ईजीएम के निवेशकों ने फैसले का विरोध किया

ईजीएम के निवेशकों ने विरोध किया

बायजूज के ईजीएम के निवेशकों ने हाल ही में इसके बारे में विरोध जताया है। इसके पीछे का कारण है 29 मार्च को ईजीएम बुलाने के फैसले का। कुछ निवेशकों ने इस फैसले के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की बेंगलुरु पीठ के समक्ष अपील दायर की है।

निवेशकों का विरोध का कारण

निवेशकों का कहना है कि ईजीएम के नियंत्रण में बायजूज के बोर्ड के सदस्यों ने गलतियाँ की हैं और उनके निवेशकों के हितों को नजरअंदाज किया गया है। वे इसके खिलाफ आपत्ति दर्ज कराना चाहते हैं और इस मामले को न्यायिक दफ्तर में ले जाना चाहते हैं।

एनसीएलटी में अर्जी की स्थिति

बायजूज के ईजीएम के निवेशकों ने अपनी अर्जी एनसीएलटी की बेंगलुरु पीठ में दायर की है। इसके बाद अब न्यायिक दफ्तर में इस मामले की सुनवाई होगी। न्यायिक दफ्तर इस मामले की विचाराधीनता करेगा और उचित निर्णय देगा।

इस मामले में न्यायिक दफ्तर की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो सकती है। वह इस मामले में निवेशकों और बायजूज के बीच विवाद को सुलझाने की कोशिश कर सकती है।

निवेशकों की मांगे और बायजूज की पक्ष

निवेशकों की मुख्य मांग यह है कि ईजीएम के नियंत्रण में बायजूज के बोर्ड के सदस्यों को बदला जाए और निवेशकों के हितों को ध्यान में रखा जाए। वे इसके लिए न्यायिक दफ्तर की सहायता चाहते हैं।

वहीं, बायजूज की पक्ष से कहा जा रहा है कि निवेशकों के द्वारा की गई आपत्ति बेकार है और ईजीएम के नियंत्रण में कोई गलती नहीं हुई है। उनके अनुसार, निवेशकों की आपत्ति केवल उनके निवेश में हुई हानि के कारण है और यह उचित नहीं है।

संक्षेप में

बायजूज के ईजीएम के निवेशकों ने ईजीएम बुलाने के फैसले का विरोध किया है। इसके चलते न्यायिक दफ्तर में इस मामले की सुनवाई होगी। निवेशकों की मुख्य मांग है कि ईजीएम के नियंत्रण में बायजूज के बोर्ड के सदस्यों को बदला जाए और निवेशकों के हितों को ध्यान में रखा जाए। बायजूज की पक्ष से कहा जा रहा है कि निवेशकों की आपत्ति बेकार है और ईजीएम के नियंत्रण में कोई गलती नहीं हुई है। यह मामला अब न्यायिक दफ्तर की सुनवाई के लिए तैयार है।

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