वॉशिंगटन: अमेरिका और कनाडा के बीच जारी व्यापार विवाद अब और गहरा गया है। कनाडा की ओर से अमेरिकी सामानों पर जवाबी टैरिफ लगाए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कनाडा से होने वाले कई आयात पर नए प्रतिबंध और टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इन कदमों के तहत कुछ कनाडाई उत्पादों के आयात पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी, जबकि कई अन्य वस्तुओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा।
अमेरिका-कनाडा व्यापार विवाद के बड़े पॉइंटर
-
कनाडा के खिलाफ अमेरिका ने नए आयात प्रतिबंधों का ऐलान किया
-
कनाडाई डेयरी उत्पाद, अधिकांश शराब और मोटरसाइकिलों के आयात पर रोक
-
नए प्रतिबंध करीब तीन सप्ताह में लागू होने की बात
-
कुछ उत्पादों पर एक सप्ताह के भीतर नए टैरिफ लागू होंगे
-
ATV, कुछ प्रकार के चीज और मोटरबोट पर नए शुल्क
-
करीब 50 अरब डॉलर की अमेरिकी सरकारी खरीद से कनाडाई सामान हटाने की प्रक्रिया
-
कनाडाई कारों और धातुओं पर 50% टैरिफ की चेतावनी बरकरार
-
अमेरिका ने कनाडा और चीन को जवाबी कार्रवाई करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में गिना
धारा 338 के तहत ट्रंप प्रशासन का बड़ा कदम
अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रकारों को दी गई जानकारी में बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1930 के टैरिफ एक्ट की धारा 338 के तहत कई आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह प्रावधान अमेरिका को उन देशों से होने वाले कुछ आयात पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता है, जिनके साथ व्यापार को अनुचित माना जाता है।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, कनाडा के खिलाफ उठाए गए ताजा कदम इसी प्रावधान के तहत लागू किए जा रहे हैं।
डेयरी, शराब और मोटरसाइकिलों पर आयात प्रतिबंध
अमेरिका ने कनाडा के डेयरी उत्पादों, अधिकांश शराब और मोटरसाइकिलों के आयात पर रोक लगाने का फैसला किया है। अधिकारियों के अनुसार, इन प्रतिबंधों को करीब तीन सप्ताह के भीतर लागू किया जा सकता है।
इसके अलावा 20 जुलाई को लागू किए गए टैरिफ में भी बदलाव किया गया है। कुछ उत्पादों को मौजूदा सूची से हटाया गया है, जबकि कई वस्तुओं को नए टैरिफ के दायरे में शामिल किया गया है।
इन सामानों पर भी बढ़ेगा टैरिफ
अमेरिकी प्रशासन ने ऑल-टेरेन व्हीकल (ATV), कुछ प्रकार के चीज और मोटरबोट समेत कई उत्पादों पर नए टैरिफ लगाए हैं। दूसरी ओर, सीमेंट, सड़क पर इस्तेमाल होने वाला नमक और कुछ मेडिकल सप्लाई को पहले की टैरिफ सूची से बाहर कर दिया गया है।
इन बदलावों को करीब एक सप्ताह के भीतर लागू किए जाने की बात कही गई है।
50 अरब डॉलर की सरकारी खरीद में कनाडाई सामान पर रोक
अमेरिकी प्रशासन ने सरकारी खरीद से जुड़े विभागों को भी कनाडा में बने उत्पादों को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम करीब 50 अरब अमेरिकी डॉलर की सरकारी खरीद सूची से जुड़े सामानों को प्रभावित करेगा।
इसके साथ ही कनाडा से आने वाली कारों और धातुओं पर टैरिफ को 1 जनवरी से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की पहले दी गई चेतावनी भी बरकरार है।
कनाडा और चीन को लेकर अमेरिका का तर्क
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि कनाडा और चीन उन प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं, जिन्होंने वॉशिंगटन के टैरिफ कदमों का जवाब बातचीत के बजाय जवाबी कार्रवाई से दिया। अमेरिका का दावा है कि जापान और यूरोपीय संघ समेत कई अन्य अर्थव्यवस्थाओं ने जवाबी शुल्क लगाने के बजाय बातचीत के जरिए समझौता किया।
अमेरिकी पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि कनाडा के कुछ प्रांतों ने व्यापार विवाद की शुरुआत में अमेरिकी शराब को दुकानों से हटाने और अमेरिकी कंपनियों को प्रांतीय खरीद बाजार से बाहर रखने जैसे कदम उठाए थे। अमेरिका के मुताबिक, इन्हीं कार्रवाइयों के आधार पर धारा 338 के तहत प्रतिबंध लगाने का अधिकार इस्तेमाल किया गया।
भारत के लिए भी अहम संकेत
अमेरिका-कनाडा का यह व्यापार विवाद भारत समेत दूसरे देशों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह घटनाक्रम दिखाता है कि वॉशिंगटन अपनी मौजूदा व्यापार नीति में उन देशों के साथ अलग रुख अपना रहा है, जो जवाबी कार्रवाई करते हैं और उन देशों के साथ अलग तरीके से बातचीत कर रहा है, जो समझौते की राह चुनते हैं।
भारत ने अमेरिका के साथ व्यापारिक मुद्दों पर बातचीत और द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने का रास्ता अपनाया है। वहीं रूस से ऊर्जा खरीद को लेकर भारत और अमेरिका के बीच अलग-अलग मुद्दों पर भी चर्चा जारी है।
मध्यावधि चुनाव को लेकर चिंता पर अमेरिका का जवाब
अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों ने उन सांसदों की चिंताओं को भी कमतर बताया, जिनका मानना है कि कनाडा के साथ व्यापार विवाद का असर आगामी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी पर पड़ सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि जिन उत्पादों पर नए प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनका हिस्सा अमेरिका की कुल खपत में काफी कम है। इसलिए इसका व्यापक आर्थिक प्रभाव सीमित रहने की उम्मीद जताई गई है।
बातचीत के रास्ते अभी बंद नहीं
हालांकि अमेरिका ने नए प्रतिबंधों का ऐलान कर दिया है, लेकिन दोनों देशों के बीच बातचीत की गुंजाइश अभी बनी हुई है। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, हाल के दिनों में कनाडा के मंत्री डोमिनिक लेब्लांक के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है और आगे भी वार्ता जारी रहने की उम्मीद है।
हालांकि, नए प्रतिबंध लागू होने से पहले दोनों देशों के बीच विवाद सुलझाने के लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई गई है।
वहीं कनाडाई विमान निर्माता बॉम्बार्डियर पर संभावित प्रतिबंध के सवाल पर अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इस संबंध में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

