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रांची में ATM फ्रॉड का बढ़ा खतरा, कार्ड फंसने से लेकर बदलने तक ऐसे हो रही ठगी

रांची: राजधानी रांची में साइबर अपराधियों ने एटीएम के जरिए ठगी का नया जाल बिछा रखा है। खासकर ग्रामीण इलाकों में स्थित एटीएम अपराधियों के निशाने पर हैं। मदद करने के बहाने कार्ड की जानकारी हासिल करना, कार्ड फंसने का फायदा उठाना और एटीएम कार्ड बदलकर खाते से पैसे निकालना जैसे मामले सामने आ रहे हैं। हाल के दिनों में करीब आधा दर्जन एटीएम फ्रॉड की शिकायतें पुलिस तक पहुंची हैं।

ये हैं ATM फ्रॉड से जुड़े अहम पॉइंटर

  • ग्रामीण इलाकों के एटीएम साइबर अपराधियों के निशाने पर

  • मदद के बहाने एटीएम कार्ड बदलने की कोशिश

  • कार्ड फंसने के बाद फर्जी हेल्पलाइन नंबर से ठगी

  • कांके में एक पीड़ित के खाते से करीब 2.50 लाख रुपये की निकासी

  • नामकुम में कार्ड बदलकर करीब 45 हजार रुपये उड़ाए गए

  • एटीएम में लगे CCTV कैमरों में संदिग्धों की तस्वीरें कैद

  • पिन डालते समय कीपैड को हाथ से ढकने की सलाह

  • कार्ड फंसने पर अनजान व्यक्ति की मदद लेने से बचें

  • साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें

ग्रामीण इलाकों के ATM बने साइबर अपराधियों का निशाना

UPI के बढ़ते इस्तेमाल के कारण शहरी क्षेत्रों में एटीएम का इस्तेमाल पहले की तुलना में कम हुआ है। वहीं ग्रामीण इलाकों में लोग अब भी नकद निकासी के लिए एटीएम पर निर्भर हैं। इसी का फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं।

रांची के कांके इलाके में एटीएम फ्रॉड के दो मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा नामकुम और राजधानी के अन्य इलाकों से भी शिकायतें पुलिस को मिली हैं। कई घटनाओं में संदिग्धों की तस्वीरें एटीएम में लगे CCTV कैमरों में कैद हुई हैं।

कार्ड फंसा, खाते से निकल गए ढाई लाख रुपये

कांके स्थित बीएयू परिसर के PNB ATM में कलाम अंसारी का कार्ड फंस गया था। इसी दौरान एटीएम में मौजूद एक व्यक्ति ने मदद की पेशकश की और उन्हें एक मोबाइल नंबर दिया। आरोपी ने नंबर को एटीएम गार्ड का नंबर बताया।

जब कलाम ने उस नंबर पर संपर्क किया तो उन्हें एटीएम की चाबी देने के बहाने कांके पुल के पास बुलाया गया। इसी दौरान वह एटीएम से बाहर चले गए। बाद में उनके बैंक खाते से करीब ढाई लाख रुपये की निकासी कर ली गई।

घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।

कार्ड बदलकर खाते से निकाले 45 हजार

नामकुम में लाल धनंजयनाथ शाहदेव भी एटीएम कार्ड बदलने वाले गिरोह के शिकार हो गए। एटीएम से पैसे निकालने के दौरान अपराधियों ने उनका कार्ड बदल लिया। बाद में उसी कार्ड और उससे जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल कर खाते से करीब 45 हजार रुपये निकाल लिए गए।

पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही है।

CCTV में कैद हो रही अपराधियों की हरकत

पुलिस के अनुसार हाल के एटीएम फ्रॉड के कई मामलों में संदिग्धों की गतिविधियां CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई हैं। अपराधी पहचान छिपाने के लिए कभी टोपी से चेहरा ढकते हैं तो कभी कैमरे की ओर देखने से बचते हैं। हालांकि एटीएम के अंदर और आसपास लगे कैमरों में उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड हो जाती हैं।

कार्ड फंसने पर इन बातों का रखें ध्यान

पुलिस और साइबर विशेषज्ञों के अनुसार एटीएम में कार्ड फंसने की स्थिति में किसी अनजान व्यक्ति की मदद नहीं लेनी चाहिए। एटीएम के आसपास चिपकाए गए किसी भी संदिग्ध मोबाइल नंबर पर फोन करने से बचना चाहिए।

कार्ड फंसने पर बैंक के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर कार्ड को ब्लॉक करवाना सबसे सुरक्षित तरीका है।

साइबर डीएसपी प्रदीप कुमार ने दी सावधानी बरतने की सलाह

रांची के साइबर डीएसपी प्रदीप कुमार ने लोगों को एटीएम और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को निशाना बनाते हैं और थोड़ी सी जागरूकता से ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि अपराधी कई बार एटीएम में स्किमिंग डिवाइस या अन्य तकनीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कार्ड फंसने के बाद वे पीड़ित को फर्जी हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके बाद PIN, OTP या बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती है।

ATM में कार्ड फंस जाए तो बाहर न जाएं

प्रदीप कुमार के अनुसार कार्ड फंसने पर घबराने की जरूरत नहीं है। एटीएम छोड़कर बाहर नहीं जाना चाहिए और किसी अनजान व्यक्ति की मदद नहीं लेनी चाहिए।

ऐसी स्थिति में 112 पर पुलिस को सूचना दी जा सकती है या बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क कर कार्ड ब्लॉक कराया जा सकता है।

उन्होंने कार्ड एक्सचेंज फ्रॉड से भी सावधान रहने की अपील की। एटीएम से पैसे निकालने के बाद कार्ड वापस लेते समय यह जरूर जांच लें कि वह आपका ही कार्ड है।

PIN डालते समय कीपैड को हाथ से ढकें

साइबर डीएसपी ने हिडन कैमरा और शोल्डर सर्फिंग से भी सावधान रहने को कहा है। ATM में PIN डालते समय दूसरे हाथ से कीपैड को ढकना चाहिए, ताकि कोई पीछे खड़ा व्यक्ति या छिपा कैमरा PIN रिकॉर्ड न कर सके।

खासकर बुजुर्गों को एटीएम इस्तेमाल करते समय अनजान लोगों से मदद लेने से बचने की सलाह दी गई है।

अगर एटीएम में कोई संदिग्ध डिवाइस, कार्ड स्लॉट में बदलाव या कोई असामान्य चीज नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। PIN, OTP या बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

सुनसान ATM का इस्तेमाल करने से बचें

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सुनसान और बिना गार्ड वाले एटीएम का इस्तेमाल करने से बचें। अगर किसी व्यक्ति के साथ साइबर या ATM फ्रॉड हो जाता है तो घबराने के बजाय तुरंत बैंक को सूचना देकर कार्ड ब्लॉक करवाना चाहिए।

इसके साथ ही 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से संबंधित लेन-देन को रोकने और रकम को आगे ट्रांसफर होने से बचाने की कोशिश की जा सकती है।

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