HomeNationalNALSAR विवाद के बाद NLSIU में भी CJI सूर्यकांत के दीक्षांत समारोह...

NALSAR विवाद के बाद NLSIU में भी CJI सूर्यकांत के दीक्षांत समारोह में बुलावे का विरोध, छात्रों ने उठाए सवाल

बेंगलुरु। देश के प्रतिष्ठित विधि संस्थानों में से एक नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किए जाने को लेकर छात्रों और पूर्व छात्रों के एक वर्ग ने आपत्ति जताई है। यह घटनाक्रम हैदराबाद स्थित NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ में हुए हालिया विवाद के बाद सामने आया है।

NALSAR के छात्रों के समर्थन में NLSIU के छात्र

NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों ने शनिवार को संयुक्त बयान जारी कर NALSAR के छात्रों के प्रति बिना शर्त एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के हालिया आचरण और अपने संस्थान के दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत की प्रस्तावित मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए।

छात्रों का कहना है कि यह मामला केवल दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के चयन तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, असली सवाल यह है कि क्या देश के शीर्ष कानून संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र प्रभावशाली संस्थाओं और सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ अपनी असहमति स्वतंत्र रूप से व्यक्त कर सकते हैं, बिना अपने करियर पर संभावित असर की चिंता किए।

BCI से बिना शर्त माफी की मांग

संयुक्त बयान में NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों ने BCI से NALSAR के छात्रों और शिक्षकों से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। उनका आरोप है कि छात्रों के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की गई।

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि विवादित आदेश जारी करने के लिए BCI अध्यक्ष की ओर से परिषद के आधिकारिक लेटरहेड का इस्तेमाल किस आधार पर किया गया।

NALSAR में शुरू हुआ था विवाद

दरअसल, हैदराबाद स्थित NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ में CJI सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह का मुख्य अतिथि बनाए जाने को लेकर कुछ छात्रों ने विरोध जताया था। इसके बाद BCI की ओर से 2026 बैच के छात्रों के अधिवक्ता के रूप में नामांकन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया था।

हालांकि, कुछ ही समय बाद BCI ने यह आदेश वापस ले लिया। BCI अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने भी फैसले पर खेद व्यक्त किया था। इसी घटनाक्रम के बाद अब NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों ने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।

CJI सूर्यकांत ने NALSAR कार्यक्रम पर दी सफाई

NALSAR मामले में CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की सहमति नहीं दी थी। इससे इस पूरे विवाद में एक नया पहलू जुड़ गया है और कार्यक्रम में उनके नाम को लेकर उठे सवालों पर स्थिति स्पष्ट हुई है।

NLSIU और BCI के पुराने संस्थागत संबंध

NLSIU और BCI के बीच लंबे समय से संस्थागत संबंध रहे हैं। विश्वविद्यालय की व्यवस्था में भारत के मुख्य न्यायाधीश और BCI अध्यक्ष की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्ष 2025 में NLSIU के दीक्षांत समारोह में तत्कालीन सुप्रीम कोर्ट के जज सूर्यकांत ने समारोह की अध्यक्षता की थी, जबकि मनन कुमार मिश्रा ने स्वागत भाषण दिया था।

NALSAR और अब NLSIU में सामने आए घटनाक्रम ने देश के प्रमुख विधि संस्थानों में छात्रों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संस्थागत स्वायत्तता और शक्तिशाली संवैधानिक एवं पेशेवर संस्थाओं के साथ असहमति के अधिकार को लेकर बहस को तेज कर दिया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments