बेंगलुरु: भारत के दिग्गज वैज्ञानिक और भारत रत्न से सम्मानित प्रोफेसर सीएनआर राव को चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए जाने का मामला सामने आया है। नोटिस की वजह वोटर लिस्ट में उनके नाम की स्पेलिंग में अंतर बताया जा रहा है।
पुरानी मतदाता सूची में उनका नाम “Prof CNR Rao” दर्ज था, जबकि नई सूची में टाइपिंग की गलती से यह “Proff CNR Rao” हो गया। इसी नाम के अंतर को लेकर उन्हें पहचान से जुड़ी सुनवाई में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। 92 वर्षीय प्रोफेसर राव को मल्लेश्वरम स्थित IISc के पास होने वाली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।
क्या है ‘Self Name Mismatch’, जानिए क्यों भेजा गया नोटिस
SIR प्रक्रिया में Self Name Mismatch उस स्थिति को कहा जाता है, जब किसी मतदाता का पुरानी और मौजूदा मतदाता सूची में दर्ज नाम आपस में मेल नहीं खाता। प्रोफेसर राव के मामले में भी नाम की स्पेलिंग में मामूली अंतर इसी प्रक्रिया के तहत सामने आया है।
हालांकि, प्रोफेसर राव के कार्यालय के प्रतिनिधि का कहना है कि उन्हें अब तक कोई प्रत्यक्ष नोटिस नहीं मिला है। उनके मुताबिक मामला चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन दिखाई दे रहा है। ड्राफ्ट SIR सूची में उनका नाम सीरियल नंबर 187 पर दर्ज है, जहां Professor की जगह Proff लिखा गया है। प्रतिनिधि के अनुसार, अब तक न कोई ईमेल मिला है और न ही कोई फिजिकल नोटिस।
कौन हैं प्रोफेसर सीएनआर राव?
बेंगलुरु के बसवनगुडी में जन्मे प्रोफेसर सीएनआर राव को सॉलिड स्टेट और स्ट्रक्चरल केमिस्ट्री में उनके महत्वपूर्ण शोध के लिए जाना जाता है। वे भारत रत्न पाने वाले चुनिंदा वैज्ञानिकों में शामिल हैं। उन्हें पद्म श्री, पद्म विभूषण और कर्नाटक रत्न समेत कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं।
प्रोफेसर राव ने भारत सरकार की कई वैज्ञानिक सलाहकार समितियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे IISc के नेतृत्व से जुड़े रहे और जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) की स्थापना में भी उनकी अहम भूमिका रही।

