हजारीबाग मेडिकल कॉलेज के नामकरण पर सदर विधायक ने सीएम को लिखा पत्र, जताई आपत्ति

कहा हजारीबाग में जन्में किसी स्वतंत्रता सेनानी या महान विभूतियों के नाम पर हजारीबाग मेडिकल कॉलेज का नामकरण करने पर सरकार यथाशीघ्र करे पुनर्विचार

हजारीबाग मेडिकल कॉलेज के नामकरण पर सदर विधायक मनीष जायसवाल ने सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को रविवार को पत्र लिखकर हजारीबाग वासियों की जनभावना से अवगत कराते हुये हजारीबाग में जन्में किसी स्वतंत्रता सेनानी या महान विभूतियों के नाम पर हजारीबाग मेडिकल कॉलेज का नामकरण करने पर यथाशीघ्र पुनर्विचार करने की मांग की है। पत्र में उन्होंने लिखा है की बीते स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आपकी सरकार द्वारा झारखंड के विभिन्न संस्थानों का नाम बदलकर झारखंड के स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर किया गया है। मैं सरकार की इस सोच का सहृदय स्वागत करता हूं, परंतु हजारीबाग मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी शहीद शेख भिखारी के नाम से किया जा रहा है। अमर शहीद शेख भिखारी का जन्म रांची जिला स्थित एक बुनकर अंसारी परिवार में हुआ था। वे 1857 के जंग-ए-आजादी में लड़े थे, मैं उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूं। आगे उन्होंने सीएम को लिखा है शहीद शेख भिखारी का सम्मान करते हुए आपको हजारीबाग की जन भावनाओं से अवगत कराते हुए कहना चाहता हूं कि हजारीबाग की जनता- जनार्दन, जनप्रतिनिधि और प्रबुद्धगण इस फैसले से सहमत नहीं है। बेहतर होता हजारीबाग मेडिकल कॉलेज का नामकरण हजारीबाग के मिट्टी से जुड़े किसी स्वतंत्रता सेनानी यथा- जय मंगल पांडेय, राम नारायण सिंह, कृष्ण बल्लभ सहाय, सरस्वती देवी, लक्ष्मी नारायण दुबे के अतिरिक्त हजारीबाग में जन्मे एक शख्स जिनका संपूर्ण जीवन मेडिकल साइंस और मानवता को समर्पित रहा ऐसे विभूति- सह- भारतवर्ष के प्रथम “टेस्ट ट्यूब बेबी” के जनक डॉ. सुभाष मुखोपाध्याय सहित अन्य विभूतियों के नाम पर किया जाता ।

विधायक श्री जायसवाल ने पत्र में यह भी लिखा है कि रांची जिला में जन्मे अमर शहीद शेख भिखारी के नाम पर हजारीबाग मेडिकल कॉलेज का नाम किए जाने के बजाय राजधानी रांची स्थित सदर अस्पताल का नाम उनके नाम किया जाना अधिक उचित और सम्मानजनक होता। झारखंड सरकार द्वारा हजारीबाग की जन- भावनाओं का अनादर करते हुए आनन- फानन में यह घोषणा किया जाना कतई उचित प्रतीत नहीं होता है। विधायक श्री जायसवाल ने मुख्यमंत्री श्री सोरेन से आग्रह करते हुए हजारीबाग की जन- भावनाओं का कद्र करते हुए स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों व विभूतियों को सम्मान देते हुए हजारीबाग मेडिकल कॉलेज का नामकरण हजारीबाग के ही पावन मिट्टी में जन्मे किसी स्थानीय स्वतंत्रता सेनानी या महान विभूतियों के नाम पर करने पर यथाशीघ्र पुनर्विचार करे ।

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