लोकसभा में गूंजा झारखंड में धर्मांतरण का मुद्दा

खूँटी, सिमडेगा और गुमला बना जबरन धर्म परिवर्तन का गढ़ – संजय सेठ

उज्ज्वल दुनिया/नई दिल्ली । लोकसभा में शून्यकाल के दौरान सोमवार को भाजपा सांसद संजय सेठ ने झारखंड में हो रहे धर्मांतरण की बात कह कर आरोप लगाया कि यहां के चर्च जनजातियों को उनकी परंपराओं और धर्म से काट रहा है। यह समाज के लिए एक बड़ा खतरा उत्पन्न हो रहा है। किसी स्वतंत्र इकाई से इस पूरे प्रकरण की जांच करवाई जाए ताकि आदिवासी हितों, उनकी परंपराओं और उनकी संस्कृतियों की रक्षा की जा सके।

सरकार बदलने के साथ ही ईसाई मिशनरियों को मिली खूली छूट 

सेठ ने कहा कि झारखंड में जब नई सरकार बनी तो ईसाई मिशनरी के अधिकारियों ने बयान दिया था कि यह सरकार यीशु का आशीर्वाद है। क्रिसमस का तोहफा है। यह कोई छोटा बयान नहीं था। आज भी झारखंड में आदिवासी हितों पर जब भी बात आती है तो चर्च के लोग उन्हें भड़काते हैं। जब यह अपने आप को आदिवासी मानते नहीं, तो फिर किस हक से यह आदिवासियों को भड़काते हैं? ईसाई मिशनरियों की ही संस्था निर्मल हृदय के द्वारा बच्चों की खरीद-बिक्री का मामला सामने आता रहा है।

2018 में ईसाई मिशनरियों द्वारा बच्चा बेचने का मामला ठंडे बस्ते में 

2018 में यहां से सैकड़ों नवजात शिशुओं की खरीद-बिक्री की बात सामने आई। गोद देने के नाम पर नवजात बच्चों की खरीद बिक्री होती थी। अविवाहित लड़कियां मां बनती थीं और दुर्भाग्यपूर्ण यह कि इनमें ज्यादातर आदिवासी समुदाय की होती थीं। मामले में मुकदमा भी हुआ, कई गिरफ्तारियां हुईं। तत्कालीन भाजपा सरकार ने इसकी जांच के निर्देश दिए। परंतु, नई सरकार के गठन के साथ ही यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

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