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झारखंड विधानसभा में किसान बिल की गूंज, विपक्ष ने बताया किसानों के लिए वरदान

उज्ज्वल दुनिया/रांची । संसद में किसान बिल का पास होना और इस दौरान विपक्ष के हो हंगामे पर झारखंड में अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आई है । विधायक सरयू राय ने कहा कि लोकसभा में कृषि बिल विधेयक पेश होने के दौरान उपसभापति के साथ दुर्व्यवहार किर विधयेक की प्रति को फाड़ना और माईक तोड़ना कही से भी सही नही है। यह देश के लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। यह विरोध का तरीका नही है। विपक्ष के पास और भी तरीके है। उन्हें जनता के बीच जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह परंपरा सही नही इसको ठीक करने की जरूरत है। 

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने लोक सभा की घटना पर सत्ता पक्ष को जिम्मेदार बताया हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष की भूमिका लोकतंत्र में अहम होती है और लोक सभा की घटना में सत्तापक्ष ही जिम्मेदार है। सत्ता पक्ष ने लोकतंत्र का चीर हरण करने का काम किया है।

पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव में किसान बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह बिल किसानों के अधिकार के हनन के लिए लाया गया है। इस बिल के आने के बाद कॉरपोरेट घराने किसानों को मजदूर बना कर रखेंगे। खेती पर ऐसे घराने के ही राज होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही रेल का निजीकरण कर दिया है अब खेती को भी निजीकरण कर रही है। इस बिल के विरोध विरोध में आंदोलन भी किया जाएगा। बिल पूरे तरह से देश विरोधी किसान विरोधी और झारखंड विरोधी है।

सिल्ली विधायक सुदेश महतो ने किसान बिल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बिल किसानों के हित मे तैयार किया गया है। किसान अब किसी भी राज्य में जा कर अपना फसल बेच सकते है। वही अब किसान ही मूल्य और लागत के हिसाब से अपने फसल का मूल्य तय कर सकेंगे। वहीं उन्होंने कहा कि किसानों के फसल को सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। तभी यह बिल किसानों के लिए हितकारी होगा। उन्होंने कहा कि किसान देश और एक बड़ी आबादी का आर्थिक आधार हैं। 

भाजपा विधायक दल के नेता बाबुलाल मरांडी ने किसान बिल पर कहा कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग पहले भी होती रही है। लेकिन अब इसे बिल में शामिल किया गया है। बिल पास होने के बाद कंपनी सीधे तौर पर किसानों से संपर्क कर अपने हिसाब से फसल तैयार करवा सकेंगे और उसका मूल्य भी पहले से किसानों द्वारा तय किया जाएगा।  विपक्ष के रवैये पर उन्होंने कहा कि चुकी विपक्ष ने यह बिल नही लाया था इस कारण वे इस बिल को लेकर देश मे भ्रम फैला रहे है, अफवाह उड़ा रहे है बिल का विरोध भी कर रहे है।  उन्होंने कहा कि यह बिल किसानों के लिए ऐतिहासिक बिल है और विपक्ष को भी इसका स्वागत करना चाहिए।

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