जेईई

नई दिल्ली (हि.स.)। कोरोना महामारी के बीच संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) और राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को स्थगित करने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी आज (शुक्रवार को) देशव्यापी प्रदर्शन कर रही है। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते छात्र-छात्राओं द्वारा जेईई व नीट परीक्षा के स्थगन को लेकर आन्दोलन किया जा रहा है लेकिन केन्द्र सरकार कोविड-19 संक्रमण के व्यापक प्रभाव के बावजूद परीक्षा कराने पर अड़ी है।

परीक्षा स्थगित किए जाने की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी ने ‘स्पीकअप फॉर स्टूडेंट सेफ्टी’ नाम से ऑनलाइन अभियान भी चलाया हुआ है। इस अभियान को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, “लाखों परेशान छात्रों के साथ अपनी आवाज जोड़िए। ‘स्पीकअप फॉर स्टूडेंट सेफ्टी’ के जरिए छात्रों की बात सुनने के लिए सरकार से अपील करे।” उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट के समय में परीक्षा कराने के फैसले ने लाखों परिवारजनों व छात्रों को परेशानी में डाल दिया है। केन्द्र सरकार के इस निर्णय के कारण छात्र-छात्राओं में काफी मानसिक तनाव है।

ऐसे में कांग्रेस के कई नेताओं ने ‘स्पीकअप फॉर स्टूडेंट सेफ्टी’ अभियान से जुड़कर लोगों को छात्रों के हित में आवाज बुलंद करने की मांग की है। सोशल साइट्स ट्विटर पर लगातार कांग्रेस एवं अन्य पार्टी के नेताओं द्वारा परीक्षा स्थगित करने की बात कही जा रही। इस क्रम में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, ‘कोरोना के बढ़ते संक्रमण के माहौल में जेईई-नीट परीक्षा देने जाने वाले छात्र-छात्राओं व उनके अभिवावकों की बात सुनना जरूरी है। ये बच्चे देश के भविष्य हैं। छात्र-छात्राओं की चिंताओं को संवेदना से देखना होगा न कि हठ और राजनीतिक दृष्टि से।’

वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि कोरोना काल में जेईई-नीट परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों के सामने परिवहन, ठहरने और अन्य समस्यायें हैं। बाढ़ भी एक समस्या है। ग्रामीण पृष्ठभूमि के परीक्षार्थियों के सामने भी समस्यायें हैं। इन सब समस्याओं को देखते हुये सरकार को परीक्षा स्थगित करनी चाहिए।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा, ‘देशभर में अब भी महामारी का प्रकोप जारी है। सरकार से हमारा सवाल यह है कि इस संकट के समय में जेईई और नीट की परीक्षाएं आयोजित कराने की जरूरत क्या है? हमारी मांग है कि ये परीक्षाएं अभी न आयोजित कर कुछ महीनों बाद कराई जाएं।’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ओडिशा सीएम नवीन पटनायक ने भी कहा कि वर्तमान स्थिति परीक्षा के आयोजन के लायक नहीं है। फिर भी केंद्र सरकार परीक्षा कराने को लेकर जिद पर है। वह न तो स्थिति की भयावहता को समझ रही है औऱ न ही छात्रों की उसे चिंता है। वहीं द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा है कि भाजपा सरकार को छात्रों की आवाज को सुनकर फैसला करना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि जेईई (मुख्य) परीक्षा एक से छह सितंबर के बीच होगी, जबकि नीट परीक्षा 13 सितंबर को होनी है।

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