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केन्द्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को राज्य से हटाया था अनुच्छेद 370 और 35ए
जम्मू (हि.स.)। जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन की आज प्रथम वर्षगांठ है। आज की ही तारीख में राज्य से अनुच्छेद 370 और 35ए हटा दिया गया था। बुधवार को जम्मू-कश्मीर में इस वर्षगांठ को बड़ी धूमधाम से मनाया गया। श्री सनातन धर्म सभा जम्मू प्रांत और हिन्दू जागरण मंच ने श्री अमरनाथ आंदोलन सहित अन्य आंदोलनों का गवाह रहे गीता भवन परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। वहां परिसर में तिरंगा फहराया गया और राष्ट्रगान गाया गया। गली- मोहल्लों में रामधुन बजायी गई और लोगाें ने एक-दूसरे को मिठाई बांटकर जश्न मनाया।

आर्टिकल 370 और 35ए आतंक, अलगावबाद, भेदभाव, उत्पीड़न, दहशत, कश्मीर घाटी सहित जम्मू संभाग के कईं जिलों में विशेष समुदाय के पलायन, जनसंघ के नेता डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान, प्रजा परिषद आंदोलन में तमाम लोगों के बलिदानों, जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रवादी समाज की हत्याओं और स्थानीय पुलिस के साथ देश के हजारों सुरक्षाबलों की कुर्बानियों का मुख्य कारण रही। देश की वर्तमान सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए 5 अगस्त 2019 को इसे हटा दिया था। बुधवार को इसकी वर्षगांठ के अवसर पर श्री सनातन धर्म सभा के प्रधान पुरुषोतम दधिचि, महासचिव प्रभात सिंह, हिन्दू जागरण मंच के संयोजक डा. राम पाल सहित श्री सनातन धर्म सभा व हिन्दू जागरण मंच के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। इससे पहले श्री सनातन धर्म सभा, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंगदल, भाजपा सहित कई सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों ने इस दिन को बड़ी धूमधाम से मनाने का आह्वान किया था। साथ ही दिन में सभी कार्यालय परिसरों में तिरंगा फहराने और शाम को अपने-अपने घरों में दीपक जलाने की अपील की थी।प्रदेश भाजपा ने इस अवसर पर 19 दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। प्रदेश भाजपा की सभी इकाइयों द्वारा बुधवार को अपने सभी कार्यालयों में तिरंगा फहराया और शाम को दीपक जलाएंगे। प्रदेश के चौक-चौराहों पर तिरंगा फहराने के साथ ही राष्ट्रगान भी हुआ और वंदेमातरम के जयघोष किए गए। विभिन्न मोहल्लों व घरों में रामधुन बजायी गई और मिठाई बांटी गई।शिवसेना (बाला साहेब ठाकरे) जम्मू-कश्मीर इकाई के नेताओं ने जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन की पहली वर्षगांठ को भारत मिलन दिवस के रूप में मनाया और भारत माता की जयघोष के साथ तिरंगा रैली निकाली। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा एवं लोकतंत्र प्रक्रिया बहाली की गुहार भी लगाई गई। पार्टी अध्यक्ष जे एंड के मनीश साहनी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में भारतीय संविधान लागू होने की पहली वर्षगांठ पर पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। 

उन्होंने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे का नारा दिया था। इस नारे में दो प्रधान का समाधान तो कालांतर में हो गया था पर अस्थायी अनुच्छेद 370 के रहने के कारण दो विधान और दो निशान लम्बे समय तक बने रहे। आखिरकार 5 अगस्त, 2019 को सरकार ने इसका अंत कर दिया। वहीं इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर की रक्षा करने वाले बलिदानियों ब्रिगेडियर राजेन्द्र सिंह, मेजर सोमनाथ शर्मा, ब्रि. प्रीतम सिंह व ब्रि. मोहम्मद उस्मान आदि को याद किया गया, जिन्होंने राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। साथ ही इस मौके पर संकल्प लिया गया कि उन क्षेत्रों को भी भारत की सीमाओं में मिलाया जायेगा, जिन्हें पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जाया हुआ है और वह भू-भाग भी जो वर्तमान में चीन के कब्जे में हैं।

फिलहाल, केंद्र सरकार की आतंकवाद व अलगावाद के खिलाफ बेहद सख्ती बरतने की नीति का अच्छा प्रभाव अनुच्छेद 370 की समाप्ति के एक वर्ष बाद देखने को मिल रहा है। विकास कार्यों के साथ-साथ वर्षों से जम्मू-कश्मीर की नागरिकता से वंचित रहे लोगों, जम्मू-कश्मीर के विकास कार्यों में योगदान दे रहे बाहरी राज्यों के मजदूरों व देशहित में जम्मू-कश्मीर में बलिदान देने वाले सुरक्षाबलों के परिवारों, केन्द्रीय संस्थानों व सुरक्षाबलों एजेंसियों के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में सेवा दे रहे देश के अन्य राज्यों के लोगों के चेहरों पर नई मुस्कान देखी जा सकती है। क्योंकि आतंकवाद का खात्मा जम्मू-कश्मीर में शांति व बेहतरी की पहली शर्त है और निस्संदेह अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद घाटी में आतंकियों का नेटवर्क तबाह हो चुका है। 

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