कोरोना की जांच और अस्पतालों में ईलाज के लिए सरकार ने तय की दरें

उज्ज्वल दुनिया /रांची ।  झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कोविड मरीजों के इलाज में निजी अस्पतालों की मनमानी पर नकेल कस दिया है. विभाग ने कैपिंग दर निर्धारित कर दिया है. जिसके तहत अब झारखंड के सभी जिलों को तीन कैटेगरी में बांटा गया है. इसमें भी एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पताल और नॉन एनएबीएच अस्पतालों के लिए अलग-अलग दर तय की गयी है. जिसके तहत अब कोई भी अस्पताल कैटेगरी के अनुसार न्यूनतम चार हजार से अधिकतम 18 हजार रुपये प्रतिदिन से अधिक नहीं ले सकेंगे. यह दर निर्धारित करने से पहले स्वास्थ्य विभाग ने निजी हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स के साथ बातचीत की थी. स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही निर्देश दे रखा है कि जो भी कोविड मरीज आयुष्मान भारत के तहत आते हैं, उनका इलाज उसी के तहत करना है.

राज्य के सभी जिलों को तीन कैटेगरी में बांटा गया है
कैटेगरी- ए
इसमें रांची, पूर्वी सिंहभूम, धनबाद और बोकारो हैं.
कैटेगरी- बी
इसमें हजारीबाग, पलामू, देवघर, सराकेला, रामगढ़ और गिरिडीह हैं.
कैटेगरी- सी
इसमें चतरा, दुमका, गढ़वा, गोड्डा, गुमला, जामताड़ा, खूंटी, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़, साहेबगंज, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम हैं.
सभी जिला के अस्पतालों को दो कैटेगरी में बांटा गया है. पहली कैटेगरी एनएबीएच और दूसरी नॉन एनएबीएच है.
ग्रुप ए जिला (एनएबीएच)
बिना लक्षण के मरीज के लिए 6000 (पीपीइ किट के साथ)
आइसोलेशन बेड 10000 (ऑक्सीजन के साथ)
आइसीयू नॉन वेंटिलेटर 15000 (पीपीइ किट के साथ)
आइसीयू वेंटिलेटर के साथ 18000.
ग्रुप ए (नॉन एनएबीएच)
बिना लक्षण के मरीज के लिए 5500 (पीपीइ किट के साथ)

जांच की भी दर निर्धारित


स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुछ प्रकार की जांच की भी दर तय की गयी है. जिसमें एबीजी जांच के लिए 400 रुपये, ब्लड सुगर लेबल के लिए 100 रुपये,  डी-डीमर्स लेबल के लिए 800 रुपये, ह्यूमोग्लोबिन के लिए 150 रुपये, सीटी चेस्ट के लिए 3500 रुपये, एक्स रे चेस्ट के लिए 500 रुपये और इसीजी के लिए 300 रुपये लगेंगे.

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