कोरोनाकाल में बच्चों को मिड डे मील की जगह मिल रहा खाद्य सुरक्षा भत्ता

झारखण्ड के 31 लाख 29 हजार  548 बच्चों को मिल रहा भत्ता  
राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न पर सरकार ने दी जानकारी 

उज्ज्वल दुनिया /रांची : कोरोना संकट के दौरान मोदी सरकार ने न सिर्फ किसानों, मजदूरों, गरीबों, असहायों, वृद्धों, विधवाओं आदि को उनके दरवाजे तक आर्थिक सहायता पहुंचाई बल्कि स्कूली बच्चों को भी उनके हक़ “दोपहर के भोजन” से वंचित नहीं होने दिया| मौजूदा परिस्थितियों (कोविड-19) में पका हुआ गर्म भोजन उपलब्ध कराना संभव नहीं है, अतः झारखंड राज्य सरकार सहित राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्रों को सलाह दी गई है कि जब तक महामारी के कारण स्कूल बंद हैं, तब तक वे सभी पात्र बच्चों को खाद्य सुरक्षा भत्ता (एफएसए) प्रदान करें, जिसमें खाद्यान्न, दालें, तेल आदि (खाना पकाने की लागत के बराबर) शामिल हैं। राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के एक अतारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने यह जानकारी दी|
मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि फिलहाल, देश के विबिन्न राज्यों में कुल 9,52,24,169 बच्चों को खाद्य सुरक्षा भत्ता दिया जा रहा है| झारखण्ड सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गयी सूचना के मुताबिक़ राज्य के 31,29,548 बच्चों को मिड डे मील के एवज में खाद्य सुरक्षा भत्ता उपलब्ध कराया जा रहा है|

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