एलएसी पर भारत

– एलएसी पर टैंक, मशीनगन और आधुनिक हथियारों का जमावड़ा 

– मुखपारी चोटी के करीब महज 170 मीटर की दूरी पर दोनों सेनाएं   

– रेजांग लॉ में 500 मीटर की दूरी पर चीनी और भारतीय सैनिक 

उज्ज्वल दुनिया  नई दिल्ली, 14 सितम्बर (हि.स.)। लद्दाख में भारतीय और चीन सीमा के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर हालात जंग की तरह लग रहे हैं। सीमा रेखा पर छह विवादित जगहों पर दोनों देशों की सेनाएं महज कुछ दूरी पर आमने-सामने हैं। सबसे गरम माहौल पैन्गोंग झील के दक्षिणी ओर है, जहां मुखपारी चोटी पर सिर्फ 170 मीटर और रेजांग लॉ में 500 मीटर की दूरी पर चीनी और भारतीय सैनिक हैं। दोनों तरफ की सेनाओं ने एलएएसी के पास टैंक, मशीनगन और आधुनिक हथियारों का जमावड़ा कर लिया है और एयरफोर्स की ताकत भी बढ़ाई जा रही है। 

इस बीच सीमा पर चीन ने टाइप 15 लाइट टैंक्स, इंफैंट्री फाइटिंग व्हिकल्स, एएच4 हॉवित्जर गन्स, एचजे-12 एंटी टैंक्स गाइडेड मिसाइल्स, एनएआर-751 लाइट मशीनगन, डब्ल्यू-85 हैवी मशीनगन और एंटी-मैटेरियल स्नाइपर राइफल्स के साथ भारत को चुनौती दे रहा है। चीन ने एलएसी से लगे इलाकों में सैन्य ठिकानों के साथ-साथ एयरफोर्स की ताकत जुटाना शुरू कर दिया है। उसने तिब्तत के उतांग क्षेत्र में एयरबेस तैयार किया जो एलएसी से सिर्फ 200 किमी की दूरी पर है। चेंगदू जे-20 स्टील्थ लड़ाकू विमान एलएसी पर सक्रिय किए और अब उसने परमाणु बम गिराने वाले बॉम्बर विमानों के साथ तिब्बत के पठारी क्षेत्र में युद्धाभ्यास भी शुरू कर दिया है।

भारत ने भी जबाव में एलएसी पर टी-90 भीष्म टैंक, बीएमपी-2के इन्फैंट्री फाइटिंग व्हिकल्स, एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर गन्स, स्पाइक एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल्स, लाइट मशीनगन्स, टीआरजी स्नाइपर राइफल्स की तैनाती की हुई है। ऐसे ही कुछ हालात आसमान के भी हैं। भारत ने लद्दाख क्षेत्र में सुखोई 30, मिग 29, मिराज 2000, चिनूक और अपाचे हेलिकॉप्टर की तैनाती की हुई है। चुशूल में भारतीय सेना और चीनी सेना के टैंक आमने-सामने हैं तो डेप्सांग प्लेन्स एरिया में भारतीय और चीनी युद्धक टैंक के बीच की दूरी महज 6 किमी. है। 

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