आज तय होगी बहुचर्चित गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड के दोषियों की सजा

11 सितम्बर को एडीजे-6 ने  पांच को दिया था दोषी करार, साक्ष्य के अभाव में एक हुआ था बरी

गैंगस्टर विकास तिवारी समेत पांच को सुनाई जाएगी सजा

अजय निराला / उज्ज्वल दुनिया संवाददाता/हजारीबाग। बहुचर्चित गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव सहित तीन लोगों के हत्याकांड के दोषियों की सजा 22 सितंबर को कोर्ट से तय की जाएगी। 2 जून 2015 को हज़ारीबाग़ कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े पेशी के लिए आए सुशील श्रीवास्तव, सहयोगी कमाल खान और ग्यास खान की हत्या भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एके 47 से कर दी गई थी। घटना को अंजाम प्रतिद्वंदी गैंगस्टर पांडेय गिरोह द्वारा दिया गया था। घटना के मुख्य अभियुक्त विकास तिवारी, संतोष पांडेय, शम्भु नाथ तिवारी, राहुल देव पांडेय, दिलीप साव, विकास साव, विशाल सिंह, प्रदीप पासवान व यूपी के मुख्य शूटर राज सिंह सहित अन्य को बनाया गया था। 
स्पीड ट्रायल में मामले की सुनवाई एडीजे अमित शेखर की अदालत में चली । 42 गवाहों के बयान दर्ज होने और लंबी बहस  के बाद 11 सितम्बर को एडीजे-6 की अदालत ने विकास तिवारी, संतोष पांडेय, राहुल देव पांडेय, दिलीप साव और विशाल सिंह को दोषी करार देते हुए शम्भूनाथ तिवारी को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया था । 22 सितंबर को सजा की तारीख तय की गई थी। मंगलवार को दोषी पाए गए सभी आरोपियों को सजा सुनाई जाएगी।

विकास तिवारी ने बदला लेने की खाई थी कसम, ली थी घटना की जिम्मेवारी

कोयलांचल में पांडेय गिरोह और श्रीवास्तव गिरोह में वर्चस्व को लेकर वर्षों से खूनी टकराव होता रहा है। इस टकराव में दोनों तरफ से दर्जनों हत्या की जा चुकी है, जो अब भी जारी है। 13 दिसम्बर 2014 को पांडेय गिरोह के सरगना किशोर पांडेय की जमशेदपुर में कर दी गई थी । किशोर पांडेय के अंतिम संस्कार में एके 47 से हवाई फायरिंग कर विकास तिवारी ने छह महीने में बदला लेने की कसम खाई थी। छह महीने के ठीक पहले 2 जून को हज़ारीबाग़ कोर्ट परिसर में सुशील श्रीवास्तव सहित तीन लोगों की हत्या के बाद कोर्ट परिसर में ही पर्चा छोड़कर प्रिंटेड पोस्टर में किशोर पांडेय की हत्या का बदला लिखित पोस्टर छोड़कर विकास तिवारी द्वारा घटना की जिम्मेवारी ली गई थी। दो महीने बाद अगस्त में विकास तिवारी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। तब से वह जेल में ही है। वर्तमान में वह मेदिनीनगर कारा में बंद है।  कांड के अन्य आरोपी संतोष पांडेय और राहुल पांडेय हजारीबाग कारा में बंद हैं। विशाल सिंह और दिलीप साव जमानत पर थे जिन्हें हिरासत में लेकर हज़ारीबाग़ जेल में रखा गया है। 

गैंगस्टरों की हत्या से लेकर फैसले तक साक्षी रहे एसपी कार्तिक एस

पांडेय गिरोह के सरगना किशोर पांडेय और श्रीवास्तव गिरोह के सरगना सुशील श्रीवास्तव की हत्या से लेकर फैसले तक हज़ारीबाग़ एसपी कार्तिक एस साक्षी रहे हैं। यह संयोग ही है कि 14 दिसम्बर को जमशेदपुर में जब पांडेय गिरोह के सरगना किशोर पांडेय की हत्या हुई थी तब कार्तिक एस जमशेदपुर के सिटी एसपी थे। 2 जून 2015 हज़ारीबाग़ कोर्ट परिसर में जब श्रीवास्तव गिरोह के सरगना सुशील श्रीवास्तव की हत्या हुई थी तब एसपी कार्तिक एस बोकारो के एसपी थे और बड़कागांव के एक मामले में हज़ारीबाग़ कोर्ट में गवाही देने आए थे । हालांकि घटना के कारण उनकी गवाही नही हो सकी थी। अब जब सुशील श्रीवास्तव हत्याकांड का फैसला आ रहा है तब स्वयं कोर्ट परिसर की सुरक्षा की जिम्मेवारी उनमें हाथ मे है। हत्याकांड के दोषियों को 11 सितम्बर को दोषी सिद्ध किए जाने के दिन एसपी कार्तिक एस स्वयं कोर्ट परिसर में भारी सुरक्षा बलों के साथ सुरक्षा का जायजा ले रहे थे।

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