अजय निराला/ उज्जवल दुनिया संवाददाता
हजारीबाग/गिरिडीह। आदर्श कॉलेज राजधनवार में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने यौन शोषण के मामले में न्याय नहीं मिलने पर एक बार फिर राज्यपाल सह कुलाधिपति से गुहार लगाई है। पीड़िता ने 16 सितंबर को स्मार पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की संचिका को विश्वविद्यालय का एक भ्रष्ट कर्मचारी दबाकर बैठा है। मामले में जल्द कार्रवाई न होने पर वह राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय महिला आयोग तक जाने की चेतावनी दे चुकी है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता के मुताबिक, आदर्श कॉलेज राजधनवार के एक पुरुष कर्मचारी विजय प्रसाद यादव (चतुर्थ वर्गीय) पर यौन शोषण का आरोप है। कॉलेज की यौन उत्पीड़न समिति ने उसे दोषी करार देते हुए अनुशासन समिति द्वारा तत्काल मुवत्तल करने की अनुशंसा की थी। लेकिन आरोप है कि यह संचिका विनोबा भावे विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी कीर्तन राम ने एक वर्ष नौ महीनों से अपने पास दबा रखी है।
पीड़िता का पत्र: क्रमबद्ध घटनाक्रम
पीड़िता ने राज्यपाल सह कुलाधिपति, मुख्यमंत्री, प्रधान सचिव (राज्यपाल सचिवालय), प्रधान सचिव (उच्च शिक्षा) को संबोधित पत्र में तथ्यों की क्रमबद्ध जानकारी दी है:
24.12.2024: आदर्श कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बिमल कुमार मिश्रा ने आरोपी विजय प्रसाद यादव को मुवत्तल अथवा तत्काल स्थानांतरित करने का पत्र समर्पित किया।
07.01.2025: तत्कालीन कुलपति श्री पोद्दार ने पत्र देखकर डॉकेटिंग संख्या 28198 द्वारा कुलसचिव को त्वरित कार्रवाई हेतु भेजा।
10.01.2025: तत्कालीन कुलसचिव डॉ. सादिक रज्जाक (वर्तमान में कुलानुशासक) ने पत्र को डॉकेटिंग सं. 2/269 द्वारा भैया मुकेश (स्थापना शाखा प्रभारी) को भेजा।
17.01.2025: भैया मुकेश ने संचिका डॉकेटिंग सं. 948 के द्वारा श्री कीर्तन राम को अग्रेत्तर कार्रवाई हेतु भेजी।
आरोप: श्री कीर्तन राम ने 17.01.2025 से आरोपी विजय प्रसाद यादव से मोटी रकम लेकर संचिका को अपने पास दबा रखा है। कीर्तन राम की प्रथम नियुक्ति गिरिडीह कॉलेज में हुई थी, जहां से आरोपी से उनकी जान-पहचान थी।
पीड़िता की मांगें
पीड़िता ने कुलाधिपति से निम्नलिखित कार्रवाई की मांग की है:
आरोपी विजय प्रसाद यादव को मुवत्तल करते हुए उनका मुख्यालय चतरा महाविद्यालय, चतरा अथवा रामगढ़ महाविद्यालय, रामगढ़ किया जाए।भ्रष्ट कर्मचारी कीर्तन राम को उनके पैतृक महाविद्यालय, गिरिडीह कॉलेज, गिरिडीह में स्थानांतरित किया जाए। पीड़िता ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वह मजबूरन राष्ट्रीय महिला आयोग, महामहिम राष्ट्रपति और माननीय प्रधानमंत्री के पास अपनी फरियाद लेकर जाएगी।



