मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया। रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन की ओर से 1,000 से अधिक ड्रोन दागे गए, जिनमें बड़ी संख्या मॉस्को की ओर भेजे गए थे। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने इसे राजधानी पर अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक बताया।
हमले में मॉस्को की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। एक आवासीय इमारत भी प्रभावित हुई। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार, हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। शुरुआती रिपोर्ट में दो मौतों की जानकारी थी, लेकिन बाद में एक घायल व्यक्ति की अस्पताल में मौत होने की पुष्टि हुई।
मॉस्को की ओर भेजे गए सैकड़ों ड्रोन
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के मुताबिक, राजधानी की ओर बढ़ रहे करीब 450 ड्रोन को नष्ट किया गया। इसके बावजूद कुछ ड्रोन लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे और तेल रिफाइनरी तथा एक आवासीय इमारत को नुकसान पहुंचा।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने अलग-अलग क्षेत्रों, क्रीमिया और काला सागर के ऊपर कुल 1,110 यूक्रेनी ड्रोन गिराने का दावा किया। वहीं, रूसी अधिकारियों की बाद की जानकारी में शनिवार से 1,600 से अधिक ड्रोन को रोके जाने की बात कही गई है। अलग-अलग समय पर जारी आंकड़ों के कारण कुल संख्या में अंतर दिखाई दे रहा है।
तेल रिफाइनरी को बनाया गया निशाना
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि हमले में रूस की तेल और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य रूस की युद्ध क्षमता को आर्थिक रूप से प्रभावित करना है।
रॉयटर्स के अनुसार, मॉस्को ऑयल रिफाइनरी रूस की प्रमुख रिफाइनरियों में शामिल है। हमले के दौरान रिफाइनरी परिसर में ड्रोन पहुंचने और वहां नुकसान होने की सूचना मिली।
रूस के चुनाव के बीच हुआ हमला
यह हमला ऐसे समय हुआ जब रूस में संसदीय चुनाव का अंतिम दिन चल रहा था। मॉस्को के मेयर ने आरोप लगाया कि हमला चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने के उद्देश्य से किया गया था। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि हमले से चुनाव प्रक्रिया बाधित नहीं हुई।
दूसरी ओर, यूक्रेन की ओर से हमले के मकसद को लेकर अलग बयान सामने आया है। जेलेंस्की ने तेल और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाने की बात कही है। इसलिए हमले के उद्देश्य को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
दोनों देशों के बीच ड्रोन हमले तेज
रूस-यूक्रेन युद्ध में हाल के महीनों में लंबी दूरी के ड्रोन हमलों का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। यूक्रेन ने रूस के भीतर ऊर्जा और सैन्य-लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाओं पर हमले किए हैं, जबकि रूस भी यूक्रेन के शहरों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाता रहा है। रॉयटर्स के अनुसार, रूस ने भी हाल के महीनों में तेज गति वाले जेट ड्रोन के इस्तेमाल में बढ़ोतरी की है।

