विधानसभा के अंदर शोक प्रस्ताव के बहाने खूब हुई राजनीति

  • पांच दिनों का सत्र पहले दिन शोक प्रस्ताव के बाद सोमवार तक स्थगित
  • स्पीकर ने कोरोना की दूसरी लहर के मृत आत्माओं को दी श्रद्धांजलि
  • टोक्यों और पारा-ओलंपिर के विजेता खिलाड़ियों को दी गई बधाई
  • स्पीकर ने कहा- लोगों ने उम्मीदों से हमें यहां भेजा है, कृपया अपने आचरण में उसका ध्यान रखें 
  • आलमगीर आलम ने पंचायती राज संशोधन अधिनियम सदन के पटल पर रखा
बाबूलाल नेता प्रतिपक्ष न सही, लेकिन भाजपा विधायक दल के नेता तो हैं ही
बाबूलाल नेता प्रतिपक्ष न सही, लेकिन भाजपा विधायक दल के नेता तो हैं ही

रांची । झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन कोई काम नहीं हुआ। सदन के स्पीकर रविन्द्र नाथ महतो ने पिछले सत्र और मौजूदा सत्र के बीच दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी. विधानसभा के पूर्व सदस्यों के निधन पर शोक व्यक्त किया। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से हर दल के एक-एक प्रतिनिधि शोक प्रस्ताव पढ़ने के लिए उठे। लेकिन यहीं से शुरू हो गया विवाद

सदन में बाबूलाल के रहते विरंची नारायण को भाजपा की ओर से शोक प्रस्ताव पढ़ने के लिए बोला गया

विरंची नारायण से शोक प्रस्ताव पढ़वाने का विरोध करते भानु प्रताप शादी और जयप्रकाश पटेल
विरंची नारायण से शोक प्रस्ताव पढ़वाने का विरोध करते भानु प्रताप शादी और जयप्रकाश पटेल

भाजपा ने बाबूलाल मरांडी को विधायक दल का नेता बनाया है। भले ही स्पीकर ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष का ओहदा न दिया हो, भले ही नेता प्रतिपक्ष का मुद्दा स्पीकर कोर्ट में लंबित हो, लेकिन बाबूलाल मरांडी विधायक दल के नेता तो हैं ही। लेकिन स्पीकर ने सदन के अंदर बाबूलाल मरांडी के रहते बोकारो विधायक विरंची नारायण को शोक प्रस्ताव पढ़ने के लिए कहा। इसपर भाजपा के बाकी विधायक उखड़ गये। भानु प्रताप शाही, सीपी सिंह, अनंत ओझा, जेपी पटेल आदि अपने-अपने जगह से उठकर इसका विरोध करने लगे।

जेवीएम की ओर से प्रदीप यादव का नाम बोला गया

भाजपा के जले पर नमक छिड़कते हुए स्पीकर रविन्द्रनाथ महतो ने जेवीएम की तरफ से शोक प्रस्ताव पढ़ने के लिए प्रदीप यादव को आमंत्रित किया। प्रदीप यादव ने भारी शोर-शराबे के बीच शोक प्रस्ताव पढ़ा भी। इसपर सीपी सिंह आगबबूला हो उठे। उन्होने कहा कि स्पीकर बाबूलाल को भाजपा का विधायक नहीं मानते लेकिन बंधु तिर्की को कांग्रेस का विधायक मनते हैं और प्रदीप यादव को जेवीएम का विधायक मानते हैं। स्पीकर का ये व्यवहार समझ से परे है।

विधानसभा के अंदर विरोध करते सीपी सिंह
विधानसभा के अंदर विरोध करते सीपी सिंह

स्पीकर ने सीपी सिंह-भानु प्रताप शाही को पढ़ाया मर्यादा का पाठ

सीपी सिंह और भानु प्रताप शाही द्वारा खडे होकर विरोध करने पर स्पीकर ने कहा कि सीपी सिंह जी वरिष्ठ विधायक हैं। उन्हें विधानसभा की नियमावली और विधायी कार्यों की बहुत जानकारी है। वे खुद विधानसभा स्पीकर के आसन पर रहे हैं। शोक प्रस्ताव के समय यूं खड़े होकर विरोध करना उचित नहीं है। इसपर सीपी सिंह ने कहा कि जब स्पीकर अनुचित करने लगे तो सदस्य क्या कर सकता है।

 

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