मुंबई। अभिनेत्री स्वरा भास्कर एक बार फिर वर्ष 2019 के अयोध्या भूमि विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में स्वरा भास्कर सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले को लेकर अपनी तत्कालीन प्रतिक्रिया का जिक्र करती नजर आ रही हैं। उन्होंने बताया कि फैसले के बाद वह काफी परेशान और दुखी थीं और उन्होंने अपने मुस्लिम दोस्तों को संदेश भेजकर अपनी भावनाएं साझा की थीं।
स्वरा भास्कर हाल ही में अपने पति फहाद अहमद के साथ एक पॉडकास्ट में शामिल हुई थीं। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने अयोध्या मामले पर वर्ष 2019 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के समय अपने रिएक्शन को याद किया। स्वरा ने कहा कि उन्हें उस समय फैसला अनुचित लगा था और वह इससे सहमत नहीं थीं।
‘मुझे लगा कि फैसला अनफेयर था’
पॉडकास्ट में स्वरा भास्कर ने कहा कि जब राम जन्मभूमि मामले पर फैसला आया तो वह काफी परेशान हो गई थीं। उन्होंने अपनी भावनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “मैं बहुत ज्यादा अपसेट थी जब ये वर्डिक्ट आया क्योंकि मुझे लगा था कि ये अनफेयर हुआ है।”
स्वरा ने बताया कि उन्होंने अपने फोन में मौजूद मुस्लिम दोस्तों को संदेश भेजे थे। उनके मुताबिक, उन्होंने आमिर खान, शाहरुख खान, सलमान खान और अपने पति फहाद अहमद समेत परिचितों को मैसेज किया था। उनका कहना था कि वह एक हिंदू के तौर पर अपने मुस्लिम दोस्तों को यह बताना चाहती थीं कि उन्हें फैसले को लेकर दुख हुआ और वह इस फैसले से सहमत नहीं थीं।
उन्होंने यह भी कहा कि उस समय उन्हें इस बात को लेकर शर्मिंदगी महसूस हुई और उन्होंने अपने दोस्तों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की थी।
बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
स्वरा भास्कर के बयान वाला वीडियो इंटरनेट पर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने उनके बयान की आलोचना की और उन्हें ट्रोल किया। वहीं, कुछ लोगों ने उनके विचार रखने के अधिकार का समर्थन भी किया।
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि स्वरा भास्कर को पॉडकास्ट में क्यों बुलाया जाता है, जबकि उनके समर्थकों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी व्यक्ति को अपने विचार रखने का अधिकार है।
2019 में सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था फैसला
अयोध्या भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2019 में फैसला सुनाया था। अदालत ने विवादित 2.77 एकड़ भूमि राम मंदिर निर्माण के लिए देने का आदेश दिया था और मुस्लिम पक्ष के लिए अयोध्या में पांच एकड़ वैकल्पिक भूमि देने का निर्देश दिया था।
फैसले के समय भी स्वरा भास्कर ने सार्वजनिक रूप से अपनी असहमति और निराशा व्यक्त की थी। उनके कुछ बयानों को लेकर उस समय कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठी थी। एक वकील ने उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की मांग की थी, हालांकि तत्कालीन अटॉर्नी जनरल ने इस मामले में सहमति नहीं दी थी।
स्वरा भास्कर का ताजा बयान भी उसी पुराने घटनाक्रम और फैसले के समय उनकी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया से जुड़ा है। उन्होंने पॉडकास्ट में मुख्य रूप से यह बताया कि उस समय उन्होंने क्या महसूस किया था और अपने मुस्लिम दोस्तों से किस तरह अपनी बात साझा की थी।

