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रांची के शिखर मोहन को भारत-ए की टेस्ट टीम में मिली जगह, न्यूजीलैंड दौरे पर चोटिल ऋषभ पंत की जगह लेंगे, रणजी में बना चुके हैं दोहरा शतक

रांची: झारखंड के युवा बल्लेबाज शिखर मोहन ने घरेलू क्रिकेट में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर नई पहचान बनाई है। रांची के डोरंडा में पले-बढ़े 21 वर्षीय बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज को न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारत-ए की टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। चोटिल ऋषभ पंत की जगह टीम में मौका मिलने के बाद शिखर के सामने अंतरराष्ट्रीय स्तर के करीब एक बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर है।

शिखर का चयन झारखंड क्रिकेट के लिए भी अहम माना जा रहा है। घरेलू प्रतियोगिताओं में लगातार रन बनाने वाले इस युवा बल्लेबाज से न्यूजीलैंड दौरे पर भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। हालांकि, भारत-ए टीम में चयन को सीनियर भारतीय टीम में चयन नहीं माना जा सकता। सीनियर टीम में जगह बनाने के लिए शिखर को आगे भी अपने प्रदर्शन से दावेदारी मजबूत करनी होगी।

छह साल की उम्र से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर

शिखर मोहन ने महज छह वर्ष की उम्र में रांची क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था। शुरुआती दौर से ही क्रिकेट के प्रति उनकी रुचि ने उन्हें लगातार अभ्यास और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट की ओर बढ़ाया।

वह जवाहर विद्या मंदिर, श्यामली के छात्र रहे हैं। इसी स्कूल से भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी पढ़ाई की थी। झारखंड की घरेलू टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए शिखर ने अपनी बल्लेबाजी से पहचान बनाई और अब भारत-ए टीम में जगह मिलने के बाद उनके करियर को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

रणजी ट्रॉफी में 613 रन बनाकर किया प्रभावित

शिखर के प्रदर्शन की सबसे बड़ी चर्चा रणजी ट्रॉफी के 2025-26 सत्र से जुड़ी है। झारखंड की ओर से खेलते हुए उन्होंने 55.72 की औसत से 613 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने नागालैंड के खिलाफ दोहरा शतक लगाया, जबकि बड़ौदा के विरुद्ध शतकीय पारी खेली।

लंबी पारियां खेलने और टीम को मजबूत शुरुआत देने की उनकी क्षमता ने उन्हें झारखंड के उभरते बल्लेबाजों में शामिल किया। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगातार रन बनाना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए आगे के अवसरों की राह खोल सकता है।

दलीप ट्रॉफी और ईरानी कप में भी दिखाया दम

शिखर मोहन ने रणजी ट्रॉफी के अलावा अन्य घरेलू प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए उन्होंने 85 रन बनाए। इसके बाद ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया की टीम में भी उन्हें जगह मिली, जहां उन्होंने 60 रन की पारी खेली।

अलग-अलग घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से शिखर को मजबूत विपक्ष के खिलाफ अपनी बल्लेबाजी परखने का अवसर मिला। अब भारत-ए टीम में चयन के बाद उनके पास एक और चुनौतीपूर्ण मंच पर प्रदर्शन करने का मौका है।

JSCA ने बताया झारखंड के लिए गौरव का पल

झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) के उपाध्यक्ष संजय पांडे ने शिखर मोहन के चयन को राज्य के लिए गौरव की बात बताया। उन्होंने कहा कि झारखंड से लगातार बेहतर क्रिकेटर सामने आ रहे हैं और शिखर एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं।

उन्होंने शिखर के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद जताते हुए उन्हें आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। राज्य के क्रिकेट जगत में इस चयन को युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।

ऋषभ पंत के चोटिल होने के बाद मिला मौका

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चोटिल ऋषभ पंत की जगह शिखर मोहन को न्यूजीलैंड दौरे पर भारत-ए टीम में शामिल किया गया है। उन्हें दूसरे और तीसरे अनौपचारिक टेस्ट मैच के लिए चुना गया है। दोनों मुकाबले चार दिवसीय प्रारूप में खेले जाने हैं।

यह अवसर शिखर के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत-ए स्तर पर अच्छे प्रदर्शन से उन्हें उच्च स्तर के क्रिकेट का अनुभव हासिल करने और चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित करने में मदद मिल सकती है।

अब न्यूजीलैंड दौरे पर प्रदर्शन पर रहेंगी नजरें

भारत-ए टीम में चयन शिखर मोहन के क्रिकेट करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन आगे की राह उनके प्रदर्शन और निरंतरता पर निर्भर करेगी। न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना उनके लिए नई चुनौती हो सकती है।

रांची के इस युवा बल्लेबाज के पास घरेलू क्रिकेट में बनाए गए प्रदर्शन को आगे बढ़ाने का अवसर है। झारखंड के क्रिकेट प्रशंसक भी उम्मीद करेंगे कि वह मिले मौके का फायदा उठाएं और अपनी बल्लेबाजी से टीम के लिए उपयोगी योगदान दें।

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