देवरिया: शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह के पिता रवि प्रताप ने अपनी बहू स्मृति को लेकर बड़ा बयान दिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अगर स्मृति चाहें तो वह अपने छोटे बेटे से शादी कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि स्मृति के लिए उनके घर के दरवाजे हमेशा खुले हैं और वह परिवार के लिए बेटी और बहू दोनों की तरह हैं।
रवि प्रताप के मुताबिक, स्मृति अभी कम उम्र की हैं और उनके सामने पूरी जिंदगी है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने स्मृति के भविष्य को देखते हुए छोटे बेटे से शादी का विकल्प उनके सामने रखा था।
‘स्मृति इस घर के लिए बेटी और बहू दोनों हैं’
शहीद कैप्टन के पिता ने कहा कि उनका छोटा बेटा स्मृति से करीब दो साल छोटा है। अगर स्मृति छोटे बेटे से शादी करने का फैसला लेती हैं तो परिवार उन्हें बेटी की तरह विदा करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्मृति अंशुमान की यादों के साथ उसी परिवार में रहना चाहती हैं, तो वह भी उनके लिए स्वीकार्य है।
पिता के बयान की प्रमुख बातें
- स्मृति को परिवार की बेटी और बहू दोनों बताया।
- छोटे बेटे से शादी का विकल्प स्मृति के सामने रखने की बात कही।
- कहा कि स्मृति अभी 26 वर्ष की हैं और उनके सामने पूरी जिंदगी है।
- अंशुमान की यादों के साथ परिवार में रहने के फैसले को भी स्वीकार करने की बात कही।
- स्मृति की भविष्य की इच्छा का सम्मान करने की बात कही।
‘बच्चा हुआ तो पिता के नाम में अंशुमान का नाम रहेगा’
रवि प्रताप ने बातचीत के दौरान भविष्य में बच्चे को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि स्मृति उनके छोटे बेटे से शादी करती हैं और उनके बच्चे होते हैं तो वह बच्चे को स्मृति को सौंपने की बात कही।
उन्होंने दावा किया कि बच्चे के पिता के कॉलम में कैप्टन अंशुमान का नाम दर्ज कराया जाएगा और परिवार की विरासत भी उस बच्चे को देने की इच्छा है।
हालांकि, यह पूरी तरह परिवार की ओर से व्यक्त की गई व्यक्तिगत इच्छा है और इसके कानूनी पहलुओं का निर्धारण संबंधित कानून और आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार ही होगा।
कीर्ति चक्र को लेकर भी जताई नाराजगी
रवि प्रताप ने राष्ट्रपति भवन में हुए सम्मान समारोह को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां शहीद कैप्टन अंशुमान के परिवार का पता बदला हुआ था और उन्होंने इस पर आपत्ति जताई थी।
उन्होंने कहा कि वह कीर्ति चक्र को अपने सीने से लगाना चाहते थे, लेकिन उन्हें उसे छूने तक का अवसर नहीं मिला। रवि प्रताप ने दावा किया कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि उनसे उनकी पहचान तक छीन ली गई।
बहू से विवाद को लेकर भी बोले पिता
रवि प्रताप ने कहा कि कीर्ति चक्र मिलने के बाद से परिवार और स्मृति के बीच कई मुद्दों को लेकर विवाद सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मृति काफी समय से अपने मायके चली गई हैं और वापस नहीं लौटीं।
उन्होंने कहा कि स्मृति ने खुद को संभालने के लिए समय मांगा था और परिवार ने उन्हें समय दिया, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी वह वापस नहीं आईं और परिवार को उनके भविष्य के फैसले के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली।
स्मृति के फैसले को स्वीकार करने की बात
शहीद कैप्टन अंशुमान के पिता ने कहा कि स्मृति अपने जीवन को लेकर जो भी फैसला लेना चाहती हैं, परिवार उसका सम्मान करेगा। उन्होंने एक ओर छोटे बेटे से शादी का प्रस्ताव रखा, वहीं दूसरी ओर यह भी कहा कि यदि स्मृति अंशुमान की यादों के साथ रहना चाहती हैं तो वह भी उनके लिए स्वीकार्य है।
मामला अब शहीद कैप्टन अंशुमान के परिवार और स्मृति के निजी जीवन से जुड़े संवेदनशील मुद्दों के बीच है। ऐसे में परिवार की ओर से सामने आए बयानों के साथ संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया और आधिकारिक तथ्यों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

