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शादी से पहले रिश्ते को समझने की पहल, देश के हर ब्लॉक में PMCC सेंटर बनाने की तैयारी में NCW

नई दिल्ली: शादी से पहले होने वाले दंपती एक-दूसरे की सोच, उम्मीदों और भावनात्मक जरूरतों को बेहतर तरीके से समझ सकें, इसके लिए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) देशभर में प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर (PMCC) का नेटवर्क बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। आयोग का लक्ष्य धीरे-धीरे देश के हर तालुका और ब्लॉक में कम से कम एक ऐसा सेंटर स्थापित करना है। यह पहल ‘तेरे मेरे सपने’ कार्यक्रम के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।

इस पहल का उद्देश्य शादी करने जा रहे युवक-युवतियों को विवाह से पहले खुलकर बातचीत करने के लिए सुरक्षित और उचित मंच उपलब्ध कराना है। इसमें दोनों पक्ष अपनी अपेक्षाओं, भावनात्मक जरूरतों, आपसी संवाद और शादी के बाद सामने आने वाली संभावित चुनौतियों पर चर्चा कर सकेंगे। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत काम करने वाला राष्ट्रीय महिला आयोग इस कार्यक्रम का विस्तार राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से करने की दिशा में काम कर रहा है।

‘तेरे मेरे सपने’ कार्यक्रम की शुरुआत पिछले साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर की गई थी। आयोग की ओर से उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, फिलहाल 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 287 PMCC संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 231 सेंटर राज्य सरकारों के माध्यम से चल रहे हैं, जबकि 56 सेंटर गैर-सरकारी संगठनों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। राज्य सरकारों के सेंटरों में जिला प्रशासन और वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से संचालित केंद्र भी शामिल हैं।

आयोग के अनुसार, इन केंद्रों के माध्यम से अब तक 4,695 लोगों को प्री-मैरिटल बातचीत और काउंसलिंग में मदद मिल चुकी है। काउंसलिंग की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए आयोग काउंसलर्स की ट्रेनिंग पर भी जोर दे रहा है। अब तक 489 काउंसलर्स को ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण में संवाद कौशल, भावनात्मक समझ, शादी के लिए मानसिक तैयारी और मतभेदों को सुलझाने जैसे विषय शामिल हैं।

NCW ने इस पहल को डिजिटल माध्यम से भी आगे बढ़ाने की कोशिश की है। इसके लिए डिजिटल PMCC मॉड्यूल शुरू किया गया है, जिसमें अब तक 302 लोगों ने पंजीकरण कराया है और 192 लोग इसे पूरा कर चुके हैं। आयोग ने केंद्रों की गतिविधियों की निगरानी और लाभार्थियों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए एक मॉनिटरिंग सिस्टम भी तैयार किया है।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर के मुताबिक, शादी से पहले दो लोगों के बीच बातचीत केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मजबूत रिश्ते की नींव तैयार करने का जरिया है। उनका कहना है कि होने वाले दंपती को शादी से पहले एक-दूसरे को जानने, अपनी अपेक्षाओं को समझने और मतभेदों से निपटने के तरीके पर बातचीत करने का अवसर मिलना चाहिए।

आयोग का मानना है कि शादी की तैयारियों, खर्च और रस्मों-रिवाजों पर चर्चा करने के साथ-साथ भावनात्मक जरूरतों, आपसी अपेक्षाओं और भविष्य की जिम्मेदारियों पर बातचीत करना भी जरूरी है। अधिकारियों के मुताबिक, PMCC के जरिए युवाओं को उन मुद्दों पर बात करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिन पर अक्सर शादी से पहले चर्चा नहीं हो पाती।

आयोग के अनुसार, अब तक की पहल से यह संकेत मिला है कि यदि युवाओं को बातचीत के लिए सुरक्षित और उपयुक्त माहौल उपलब्ध कराया जाए तो वे अपनी चिंताओं और अपेक्षाओं पर खुलकर चर्चा करने के लिए तैयार रहते हैं। कार्यक्रम का दायरा बढ़ाने के लिए NCW ने मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म और मैरिज ब्यूरो के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। इसमें शादी करने जा रहे जोड़ों को प्री-मैरिटल बातचीत, आपसी समझ और सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व के बारे में जागरूक करने की बात कही गई है।

यह एडवाइजरी राज्य महिला आयोगों, महिला एवं बाल विकास विभागों और जिला मजिस्ट्रेट तथा कलेक्टरों के साथ भी साझा की गई है। आयोग अब राज्य सरकारों, राज्य महिला आयोगों, जिला प्रशासन, शिक्षण संस्थानों, सामुदायिक संगठनों और युवा मंचों के साथ मिलकर PMCC की पहुंच बढ़ाने की योजना पर काम करेगा।

आयोग का जोर काउंसलर्स के प्रशिक्षण को और बेहतर बनाने, काउंसलिंग से जुड़े संसाधनों को एक समान मानक देने और डिजिटल माध्यमों को अधिक लोगों तक पहुंचाने पर भी है। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य केवल कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि इसे धीरे-धीरे देश के हर तालुका और ब्लॉक तक पहुंचाना है।

NCW का मानना है कि शादी से पहले काउंसलिंग या बातचीत को किसी समस्या या कमजोरी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसे स्वस्थ और जिम्मेदार रिश्ते की तैयारी के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। विशेषज्ञों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का भी कहना है कि बदलती सामाजिक परिस्थितियों में ऐसी पहल युवाओं को विवाह से पहले एक-दूसरे को बेहतर समझने और भविष्य के रिश्ते को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है।

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