नई दिल्ली: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। आशंका है कि तिब्बत-नेपाल सीमा के पास ग्लेशियर झील फटने से आई बाढ़ (GLOF) का पानी गंडक नदी प्रणाली के जरिए भारत के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है। स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने दोनों राज्यों में अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
नेपाल में मदद के लिए NDRF तैयार
गृह मंत्रालय के निर्देश पर NDRF ने नेपाल में राहत और बचाव अभियान के लिए चार टीमों को स्टैंडबाय पर रखा है। यदि नेपाल सरकार भारत से औपचारिक मदद मांगती है, तो इन टीमों को तत्काल भेजा जा सकता है।
- नेपाल में आई बाढ़ में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत और लापता होने की खबर है।
- NDRF ने भारत-नेपाल सीमा और नदी तंत्र की स्थिति पर निगरानी बढ़ाई है।
- गृह मंत्रालय, केंद्रीय जल आयोग और राज्य सरकारें लगातार स्थिति का आकलन कर रही हैं।
बिहार और यूपी में बढ़ाई गई तैनाती
बिहार में NDRF की नौ टीमें तैनात हैं, जिनमें से दो को गंडक नदी बेसिन में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लगाया गया है। पश्चिमी चंपारण और मुजफ्फरपुर में भी टीमें तैनात की गई हैं।
उत्तर प्रदेश में NDRF की 11 टीमें राहत और बचाव की तैयारी में हैं। गंडक नदी और भारत-नेपाल सीमा के नजदीक होने के कारण कुशीनगर को विशेष रूप से संवेदनशील माना जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल-चीन सीमा के पास GLOF जैसी घटना के बाद त्रिशूली नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद बाढ़ का पानी गंडक नदी तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।
केंद्रीय जल आयोग ने गंडक बेसिन से जुड़े जिलों को सतर्क रहने और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है। NDRF ने भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें तत्काल तैनात की जा सकती हैं।

