काठमांडू। नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। आपदा के बाद अब तक 903 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4,247 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रभावित इलाकों में शवों की तलाश के साथ फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का काम तेज किया गया है। मृतकों की पहचान के लिए भारतीय फोरेंसिक टीम ने DNA जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
आठ जिलों में रेस्क्यू अभियान तेज
नेपाल के आठ बाढ़ प्रभावित जिलों में बचाव दल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। आपदा प्राधिकरण के मुताबिक अब तक 9,435 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। कई इलाकों में मलबे के बीच शवों की तलाश की जा रही है।
ग्लेशियर टूटने के बाद मची भारी तबाही
26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद बर्फ और चट्टानों के खिसकने से पानी, कीचड़ और मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर आया। इसके चलते उत्तरी और मध्य नेपाल के कई गांवों और कस्बों में भारी तबाही हुई।
अचानक आई बाढ़ से सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। कई पनबिजली परियोजनाएं भी इसकी चपेट में आई हैं। हिमालयी क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में जलस्तर बढ़ने से भी आसपास के क्षेत्रों में स्थिति गंभीर हो गई।
नेपाल में 275 से ज्यादा भारतीय लापता
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक नेपाल में 275 से ज्यादा भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के 128 लोग लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। भारतीय अधिकारी नेपाल प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावित भारतीयों की जानकारी जुटाने और उनकी पहचान में सहयोग कर रहे हैं।
सात भारतीयों समेत 22 विदेशी बचाए गए
नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने रविवार को बचाए गए विदेशी नागरिकों की सूची जारी की। इसमें सात भारतीयों के नाम शामिल हैं। कुल 22 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित बचाया गया है।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में 933 से ज्यादा कर्मचारी फंसे
बाढ़ से प्रभावित एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में 933 से अधिक कर्मचारियों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। बचाव अभियान का छठा दिन भी जारी रहा। सुरंगों में फंसे कर्मचारियों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
चीन और तिब्बत में भी भारी नुकसान
चीनी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक आपदा में चीन की ओर 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि तिब्बत में करीब 550 लोग लापता बताए जा रहे हैं। सीमा से लगे हिमालयी क्षेत्रों में बाढ़ और मलबे ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है।
दलाई लामा ने बाढ़ पीड़ितों के लिए की प्रार्थना
तिब्बती आध्यात्मिक गुरु 14वें दलाई लामा ने नेपाल और तिब्बत में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए विशेष प्रार्थना की। लद्दाख के लेह स्थित शेवात्सेल टीचिंग ग्राउंड में आयोजित ‘लंबी उम्र की प्रार्थना सभा’ के दौरान उन्होंने आपदा में जान गंवाने वालों और लापता लोगों के लिए संवेदना व्यक्त की।
दलाई लामा की मौजूदगी में लोगों ने मृतकों की आत्मा की शांति और प्रभावित परिवारों की भलाई के लिए ‘अवलोकितेश्वर मंत्र’ का जाप किया। इसे छह अक्षरों वाला मंत्र भी कहा जाता है।

