रांची: झारखंड के युवा एथलीट हिमांशु सिंह ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य का नाम रोशन किया है। पूर्वी सिंहभूम के रहने वाले हिमांशु ने पंजाब के लुधियाना स्थित गुरुनानक स्टेडियम में आयोजित 21वीं नेशनल यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्होंने नया राष्ट्रीय मीट रिकॉर्ड भी कायम कर दिया।
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और पंजाब एथलेटिक्स संघ के संयुक्त आयोजन में यह चैंपियनशिप 1 से 3 सितंबर तक आयोजित की गई। ऊंची कूद में हिमांशु ने 2.09 मीटर की ऊंचाई पार कर वर्ष 2005 में बेंगलुरु में राजेश कालीरमन्ना द्वारा बनाए गए 2.08 मीटर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने 21 साल पुराने रिकॉर्ड में एक सेंटीमीटर का सुधार करते हुए नया मीट रिकॉर्ड अपने नाम किया।
इस स्पर्धा में असम के जुबिन गोहैन ने भी 2.09 मीटर की ऊंचाई पार की, लेकिन हिमांशु के बाद दूसरे स्थान पर रहे। वहीं तमिलनाडु के शक्तिबेल वीएन ने 2.07 मीटर की छलांग लगाकर कांस्य पदक हासिल किया। रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीतना हिमांशु की उपलब्धि को और खास बनाता है।
चैंपियनशिप में झारखंड के अन्य खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बालिका वर्ग की 100 मीटर दौड़ में पूर्वी सिंहभूम की ममता मेरी मुर्मू चौथे स्थान पर रहीं। लातेहार के जयदीप उरांव ने हैप्टाथलन में अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि गुमला के कमलेश उरांव लंबी कूद में पांचवें स्थान पर रहे। गुमला के ही सुभाष उरांव ने 1000 मीटर स्पर्धा में छठा स्थान हासिल किया।
झारखंड एथलेटिक्स संघ के सचिव एसके पांडेय ने हिमांशु की सफलता को पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण पदक जीतना उनकी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिमांशु की यह उपलब्धि झारखंड के अन्य युवा खिलाड़ियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।
हिमांशु की सफलता पर खेल मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, खेल विभाग के सचिव मुकेश कुमार, खेल निदेशक छवि रंजन, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की वित्त समिति के चेयरमैन डॉ. मधुकांत, झारखंड एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष सीडी सिंह और सचिव एसके पांडेय समेत संघ के पदाधिकारियों ने बधाई दी। कोच विनोद सिंह, योगेश यादव, टीम मैनेजर राघवेंद्र कुमार समेत अन्य खेल पदाधिकारियों ने भी हिमांशु के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

