खूंटी: झारखंड के खूंटी जिले में अपने ही चार साल के मासूम बेटे की निर्मम हत्या करने वाले पिता को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। खूंटी व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकेश कुमार की अदालत ने दोषी बरजु सिंह मुंडा को सश्रम आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साक्ष्य छिपाने के आरोप में तीन साल का सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। इस तरह कुल 25 हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया। लोक अभियोजक वेद प्रकाश ने फैसले की जानकारी दी।
पत्नी से विवाद के बाद मासूम की हत्या
यह मामला खूंटी जिले के अड़की थाना क्षेत्र के सोनपुर कदमडीह गांव का है। 27 वर्षीय बरजु सिंह मुंडा का अपनी पत्नी से अक्सर विवाद होता रहता था। घरेलू कलह से परेशान पत्नी एक वर्षीय छोटे बेटे को लेकर मायके चली गई थी। चार साल का बड़ा बेटा साधु राम मुंडा पिता के पास ही रह गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी पिता अंधविश्वास और दुर्भावना के चलते अपने ही मासूम बेटे को अपशकुन मानने लगा था। इसी सोच के कारण उसने घर के बरामदे में फरसे से बच्चे का गला रेतकर हत्या कर दी।
शव फेंका, लेकिन खून ने खोला राज
हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की। उसने बच्चे के शव को जोरो बेड़ा नाला के पास झाड़ियों में फेंक दिया। लेकिन घर के बरामदे में बिखरे खून ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। बच्चे के दादा और ग्रामीणों को जानकारी मिलने पर आरोपी से कड़ी पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया।
डीएनए मिलान से मजबूत हुए सबूत
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर झाड़ियों से मासूम का शव बरामद किया। खून से सना फरसा भी जब्त किया गया। एफएसएल जांच में फरसे और जमीन से मिले खून के नमूनों का डीएनए मिलान हुआ। वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
यह मामला अड़की थाना कांड संख्या 13/2022 से संबंधित है। अदालत में इसकी सुनवाई सत्र वाद संख्या 221/2022 के तहत हुई। अदालत ने हत्या और साक्ष्य मिटाने के अपराध में अलग-अलग सजाएं सुनाईं।

