नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर सोमवार को राजनीतिक विवाद गहरा गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड समेत देश के कई राज्यों में प्रदर्शन कर कांग्रेस अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग की। भाजपा नेताओं ने बयान की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया। वहीं, कांग्रेस ने खड़गे का बचाव करते हुए उनके बयान के संदर्भ को लेकर अलग पक्ष रखा है।
पटना में कार्यक्रम के दौरान हुई टिप्पणी
विवाद रविवार को पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। खड़गे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और भाजपा पर निशाना साध रहे थे। इसी दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की। इसके जवाब में खड़गे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।”
इस टिप्पणी के बाद भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष पर प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। पार्टी ने सोमवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया।
दिल्ली से रांची और पटना तक प्रदर्शन
खड़गे की टिप्पणी के विरोध में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली, पटना, रांची, बेंगलुरु और कई अन्य शहरों में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की।
भाजपा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के दौरान व्यक्तिगत और पारिवारिक मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। पार्टी नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में वरिष्ठ नेताओं से संयमित भाषा की अपेक्षा की जाती है।
पटना में खड़गे के खिलाफ पुलिस शिकायत
इस मामले में भाजपा के बिहार प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कृष्णा कुमार सिंह ने पटना के कोतवाली थाने में शिकायत दी है। उन्होंने पुलिस से बयान के वास्तविक शब्दों और संदर्भ की जांच करने तथा संबंधित वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करने का अनुरोध किया है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि सार्वजनिक मंच से किसी व्यक्ति के परिवार के संबंध में कथित अपमानजनक टिप्पणी संवेदनशील विषय है। उन्होंने मांग की है कि यदि जांच में कानून के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पुलिस के अनुसार, घटना गांधी मैदान थाना क्षेत्र में हुई थी, इसलिए शिकायत को संबंधित थाने में भेजने की बात कही गई है। फिलहाल शिकायत दर्ज होना अपने आप में किसी अपराध के साबित होने के बराबर नहीं है।
राजनाथ सिंह ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने खड़गे की टिप्पणी की आलोचना की। राजनाथ सिंह ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में वरिष्ठ नेताओं से जिम्मेदारी और संयम की अपेक्षा की जाती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बयान पर नाराजगी जताई और कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने किया खड़गे का बचाव
दूसरी ओर, कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों पर आपत्ति जताई। पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने दावा किया कि कार्यक्रम में खड़गे के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था और उनकी टिप्पणी प्रधानमंत्री के वैचारिक मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर संदर्भित थी। कांग्रेस ने भाजपा पर बयान को संदर्भ से अलग करके राजनीतिक विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया।
खड़गे की टिप्पणी के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। अब इस विवाद के राजनीतिक असर के साथ-साथ पटना में दी गई शिकायत पर पुलिस की आगे की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी।

