रांची: झारखंड में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अहम खबर है। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) का आयोजन 1 नवंबर 2026 को किया जाएगा। परीक्षा के लिए राज्यभर में 986 केंद्र बनाए गए हैं। प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, इस परीक्षा में कुल 5,65,048 अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। करीब 10 साल के अंतराल के बाद हो रही इस परीक्षा को निष्पक्ष और कदाचारमुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने सभी जिलों के उपायुक्तों और वरीय पुलिस अधीक्षकों को परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी से निगरानी, उड़नदस्ता दलों का गठन और हर जिले में नियंत्रण कक्ष संचालित करने जैसे कदम उठाए जाएंगे।
JTET में 5.65 लाख अभ्यर्थी, जानें किस स्तर के कितने परीक्षार्थी
रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, JTET में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के अभ्यर्थी शामिल होंगे।
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प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5): 1,95,935 अभ्यर्थी
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उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8): 3,69,113 अभ्यर्थी
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कुल अभ्यर्थी: 5,65,048
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कुल परीक्षा केंद्र: 986
परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक निर्धारित है।
पहली पाली के परीक्षार्थियों को सुबह 7:30 बजे तक केंद्र पर पहुंचने की जानकारी दी गई है। अभ्यर्थियों को अपने प्रवेश पत्र पर दर्ज परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग टाइम की पुष्टि जरूर करनी चाहिए।
दूर के परीक्षा केंद्र मिलने पर पहले से करें तैयारी
दूसरे जिले या दूरस्थ क्षेत्र में परीक्षा केंद्र आवंटित होने वाले अभ्यर्थियों को यात्रा की योजना पहले से बनाने की सलाह दी गई है। सुबह जल्दी रिपोर्टिंग होने के कारण कुछ परीक्षार्थियों को परीक्षा से एक दिन पहले ही केंद्र वाले शहर में पहुंचना पड़ सकता है।
ऐसे अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र की दूरी, सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता और यात्रा में लगने वाले समय का आकलन कर लें। जरूरत पड़ने पर ठहरने की व्यवस्था भी पहले से करना उपयोगी होगा, ताकि परीक्षा के दिन देर होने की आशंका कम हो।
कदाचार रोकने के लिए सख्त निर्देश
परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए मुख्य सचिव ने जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। परीक्षा में नकल कराने, अनुचित सहायता देने या किसी तरह की साजिश में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा कार्य में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना होगा। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि परीक्षा के दौरान कदाचार के कारण निष्कासित किए जाने वाले अभ्यर्थियों को भविष्य की JTET परीक्षा में शामिल होने से रोकने का प्रावधान लागू किया जा सकता है।
परीक्षा से तीन दिन पहले जिलों में पहुंचेंगे प्रश्नपत्र
परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्र परीक्षा से तीन दिन पहले संबंधित जिलों को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्रश्नपत्रों को जिला कोषागार या उपकोषागार में सुरक्षित रखा जाएगा।
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की ओर से सादी ओएमआर शीट, उपस्थिति पत्रक और रोल शीट जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय में भेजे जाएंगे। परीक्षा समाप्त होने के बाद ओएमआर शीट को मूल्यांकन केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
हर जिले में बनेगा कंट्रोल रूम
परीक्षा से संबंधित शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक जिले में नियंत्रण कक्ष संचालित किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी वरिष्ठ प्रशासनिक पदाधिकारी को सौंपी जाएगी।
नियंत्रण कक्ष के प्रभारी का नाम, पदनाम, फोन नंबर और ई-मेल आईडी सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अभ्यर्थी जरूरत पड़ने पर अपनी समस्या दर्ज करा सकें और उसका समाधान कराया जा सके।
उड़नदस्ता और CCTV से होगी परीक्षा केंद्रों की निगरानी
कदाचार पर रोक लगाने के लिए जिलों में उड़नदस्ता दल गठित किए जाएंगे। ये दल परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे और परीक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। फुटेज की समीक्षा के लिए अलग दल गठित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के आसपास निर्धारित क्षेत्र में केवल परीक्षा से जुड़े अधिकृत व्यक्तियों को ही मौजूद रहने की अनुमति होगी।
अभ्यर्थी प्रवेश पत्र पर दिए गए निर्देश जरूर पढ़ें
परीक्षा की तारीख नजदीक आने के साथ अभ्यर्थियों को अपने प्रवेश पत्र पर दर्ज सभी दिशा-निर्देश ध्यान से पढ़ने चाहिए। परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग टाइम और अन्य जरूरी शर्तों की पुष्टि पहले ही कर लें। यात्रा और केंद्र तक पहुंचने की योजना समय रहते बनाने से अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सकता है।

