अमरावती: आंध्र प्रदेश में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के भीतर मुस्लिम प्रतिनिधित्व और राजनीतिक भागीदारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। टीडीपी नेता जलील खान ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं जब मुसलमान उनके शासन के खिलाफ बगावत करेंगे। टीडीपी आंध्र प्रदेश में बीजेपी और पवन कल्याण की जनसेना पार्टी के साथ गठबंधन सरकार का हिस्सा है। केंद्र में भी टीडीपी नरेंद्र मोदी सरकार को समर्थन दे रही है और एनडीए की सहयोगी है। हाल की रिपोर्टों में भी TDP को लोकसभा में NDA की बहुमत व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण सहयोगी बताया गया है।
नायडू पर क्यों भड़के जलील खान?
जलील खान ने चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली सरकार में मुस्लिम समुदाय को प्रतिनिधित्व दिए जाने के तरीके पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद की सीटों के लिए आर्थिक रूप से मजबूत लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।
टीडीपी नेता के मुताबिक, मुसलमानों को छोटे स्तर के नामित पद देकर संतुष्ट करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के प्रति सरकार की कथित लापरवाही का राजनीतिक असर आने वाले चुनावों में टीडीपी पर पड़ सकता है।
जलील खान के बयान को पार्टी के भीतर से सामने आई एक असहमति के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उनके आरोपों पर सरकार या मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की ओर से प्रतिक्रिया की जानकारी इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध सामग्री में नहीं है।
टीडीपी के पास कितने सांसद और विधायक हैं?
18वीं लोकसभा में टीडीपी के 16 सांसद हैं। डिजिटल संसद के मौजूदा पार्टीवार आंकड़ों में भी TDP की लोकसभा में 16 सीटें दर्ज हैं।
आंध्र प्रदेश विधानसभा में टीडीपी के पास 135 विधायक होने का दावा इस खबर में किया गया है। विधानसभा की कुल सदस्य संख्या 175 है। केंद्र सरकार में भी टीडीपी के प्रतिनिधि मंत्री पदों पर हैं।
मोदी की मौजूदगी में मुस्लिम मंत्री ने ली थी शपथ
चंद्रबाबू नायडू ने जून 2024 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। नायडू मंत्रिमंडल में एन. मोहम्मद फारूक भी शामिल हैं।
मुस्लिम समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा आंध्र प्रदेश की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में जलील खान का ताजा बयान टीडीपी के भीतर इस मुद्दे पर उठ रही असहमति को सामने लाता है।
हालांकि, जलील खान ने जिन राजनीतिक पदों पर आर्थिक रूप से मजबूत लोगों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है, उसके समर्थन में कोई विस्तृत आंकड़ा या दस्तावेज इस खबर में प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसलिए इन आरोपों को जलील खान के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

