अजय निराला/ उज्जवल दुनिया संवाददाता
हजारीबाग। हजारीबाग जिले में चरही और बेस रेलवे स्टेशन के बीच शुक्रवार की देर शाम एक बड़ा रेल हादसा टल गया। रांची से पटना जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस रेलवे ट्रैक पर आ गई अवैध लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना में ट्रेन को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
अचानक ट्रैक पर आ गई ट्रैक्टर-ट्रॉली
बताया जा रहा है कि वंदे भारत एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग पर तेज गति से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान चरही और बेस रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर अवैध लकड़ी लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली आ गई। ट्रेन चालक ने टक्कर से बचने का प्रयास किया, लेकिन हाई स्पीड ट्रेन ट्रैक पर मौजूद ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई। टक्कर के बाद ट्रेन को कुछ देर के लिए घटनास्थल पर रोकना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
लगभग पौन घंटा 41 मिनट तक रुकी रही ट्रेन
जानकारी के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस करीब 41 मिनट तक दुर्घटनास्थल पर रुकी रही। इस दौरान रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन और ट्रैक का निरीक्षण किया तथा घटना की स्थिति का जायजा लिया। आवश्यक कार्रवाई के बाद ट्रेन का परिचालन आगे बढ़ाया गया। हादसे के कारण ट्रेन के परिचालन पर भी असर पड़ा। घटना के बाद रेलवे की ओर से पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
रेलवे ट्रैक की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने रेलवे ट्रैक की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हाई स्पीड ट्रेन के निर्धारित रूट पर लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली आखिर कैसे पहुंच गई। वंदे भारत जैसी तेज गति की ट्रेन के सामने अचानक भारी वाहन आ जाने से बड़ा हादसा हो सकता था। टक्कर की तीव्रता अधिक होती तो यात्रियों की जान को भी खतरा पैदा हो सकता था। गनीमत रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना अभी तक नहीं है।
ट्रैक्टर-ट्रॉली कैसे पहुंची, जांच में जुटा रेलवे
घटना के बाद रेलवे यह पता लगाने में जुटा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली रेलवे ट्रैक तक किस तरह पहुंची और इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में चूक कहां हुई। रेलवे ट्रैक के आसपास निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी जांच की जा रही है।हादसे ने हाई स्पीड ट्रेनों के संचालन वाले रेल मार्गों पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।


