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छठ पर घर लौटने की राह महंगी, ट्रेनों में लंबी वेटिंग तो फ्लाइट के किराये में चार गुना उछाल

दीपावली और छठ पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु से रांची आने वाली ट्रेनों में सीटों का संकट; स्पेशल ट्रेनों से राहत की उम्मीद
रांची। दीपावली और छठ महापर्व पर अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे लोगों को इस बार सफर के लिए अधिक मशक्कत करनी पड़ रही है। नियमित ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है, जबकि हवाई यात्रा का किराया सामान्य दिनों की तुलना में तीन से चार गुना तक बढ़ गया है। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों से रांची आने वाले नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों को टिकट के लिए अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं, छठ मनाने बिहार जाने वाले यात्रियों को भी ट्रेनों में लंबी वेटिंग और कई तारीखों पर टिकट उपलब्ध नहीं होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। त्योहार पर परिवार के साथ समय बिताने की चाह रखने वाले लोगों के लिए यात्रा की योजना बनाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

नियमित ट्रेनों में सीटों का संकट, वेटिंग 200 के पार

छठ के आसपास रांची और हटिया आने वाली नियमित ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती मांग के कारण सीटों की उपलब्धता सीमित हो गई है। दिल्ली से रांची आने वाली नई दिल्ली-रांची गरीब रथ एक्सप्रेस (12878) में 3 से 15 नवंबर के बीच कई तारीखों पर वेटिंग 200 के पार बताई गई है। आनंद विहार-हटिया एक्सप्रेस (12874) में 3 से 17 नवंबर के बीच विभिन्न श्रेणियों में 10 से 112 तक वेटिंग की स्थिति है। कुछ तारीखों पर टिकट बुकिंग रिग्रेट तक पहुंच गई है।

झारखंड संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (12826) में 4, 7, 11 और 14 नवंबर को स्लीपर श्रेणी में 100 से अधिक तथा थर्ड एसी में 86 तक वेटिंग बताई गई है। आनंद विहार-पुरुलिया एक्सप्रेस (14022) में भी नवंबर की कुछ तारीखों पर थर्ड एसी में करीब 90 और स्लीपर में 70 से अधिक वेटिंग है।

बेंगलुरु से रांची आने वाले यात्रियों को भी राहत नहीं मिल रही है। बेंगलुरु-हटिया एक्सप्रेस (12836) में कुछ तारीखों पर थर्ड एसी में वेटिंग 125 तक और स्लीपर में 100 से अधिक बताई गई है। वहीं, बेंगलुरु-हटिया की दूसरी नियमित ट्रेन (18638) में भी नवंबर की कई तारीखों पर लंबी वेटिंग है। मुंबई से हटिया आने वाली लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस (12811) में भी कई तारीखों पर सभी श्रेणियों की सीटें भर चुकी हैं।

बिहार जाने वाली ट्रेनों में भी बढ़ा दबाव

छठ महापर्व के दौरान 9 से 12 नवंबर के बीच बिहार जाने वाली ट्रेनों में भी सीटों की मांग बढ़ गई है। मौर्य एक्सप्रेस (15027), हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस (18624) और पाटलिपुत्र एक्सप्रेस (18622) में विभिन्न श्रेणियों में लंबी वेटिंग बताई गई है। कुछ तारीखों पर टिकट बुकिंग की स्थिति रिग्रेट तक पहुंच गई है।

रांची-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस में 11 और 12 नवंबर को सीटों की उपलब्धता सीमित बताई गई है। रांची-गोड्डा एक्सप्रेस में भी 7, 10 और 12 नवंबर को वेटिंग की स्थिति है। नियमित ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं मिलने के कारण यात्रियों को दूसरे साधनों का विकल्प तलाशना पड़ रहा है, लेकिन हवाई यात्रा भी अब काफी महंगी हो गई है।

दिल्ली से रांची का हवाई किराया 18 हजार रुपये तक

त्योहारों के दौरान हवाई यात्रियों की बढ़ती मांग का असर किराये पर भी दिख रहा है। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से आने-जाने वाली उड़ानों के लिए नवंबर के पहले और दूसरे सप्ताह में उपलब्ध अनुमानित किराये के अनुसार, दिल्ली से रांची का टिकट सामान्य दिनों में करीब 5,000 से 6,000 रुपये में मिलता है। त्योहार के आसपास यही किराया बढ़कर 16,714 से 18,000 रुपये से अधिक तक पहुंच गया है।

बेंगलुरु से रांची आने वाली उड़ानों का किराया करीब 17,738 से 20,000 रुपये तक बताया गया है। मुंबई से रांची का टिकट लगभग 20,969 से 22,000 रुपये के आसपास है। कोलकाता से रांची का शुरुआती किराया करीब 11,191 रुपये, जबकि पुणे से रांची का किराया लगभग 18,772 रुपये बताया गया है।

ये आंकड़े टिकट एजेंट के अनुसार एक तरफ की यात्रा के अनुमानित किराये हैं। वास्तविक कीमत यात्रा की तारीख, उपलब्ध सीटों, उड़ान और बुकिंग के समय के अनुसार बदल सकती है। सीटों की उपलब्धता घटने पर किराया और बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में जिन यात्रियों को ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है, उनके लिए विमान से यात्रा करना भी महंगा विकल्प साबित हो रहा है।

स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद

नियमित ट्रेनों में बढ़ती भीड़ के बीच स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। रांची-शालीमार स्पेशल (08615/08616) में 4 से 15 नवंबर के बीच कई तारीखों पर सीटें उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। अजमेर-रांची स्पेशल (09619) में 13 नवंबर को थर्ड एसी में करीब 150 सीटें उपलब्ध बताई गई थीं। इसी तरह रांची-अजमेर स्पेशल (09620) में 8 नवंबर को थर्ड एसी में 157 और सेकेंड एसी में 30 सीटें उपलब्ध होने की जानकारी है।

रांची-अलीपुरद्वार स्पेशल (08661) और हटिया-बेंगलुरु स्पेशल (08637) में भी कुछ तारीखों पर सीटें उपलब्ध होने की बात कही गई है। हालांकि, सीटों की उपलब्धता यात्रा की तारीख और श्रेणी के अनुसार बदल सकती है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले रेलवे की आधिकारिक आरक्षण व्यवस्था पर स्थिति की जांच करना जरूरी है।

इसके अलावा रांची से गोरखपुर, बनारस और जयनगर के लिए तीन नई पूजा स्पेशल ट्रेनों की घोषणा किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इनके परिचालन की तारीख, समय और ठहराव की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद यात्रियों को सफर के लिए अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है।

एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर बढ़ाई जा रही सुविधाएं

त्योहारों के दौरान यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट के सिक्योरिटी होल्ड एरिया और प्रतीक्षालय की क्षमता 950 से बढ़ाकर 2,160 यात्रियों तक करने का काम तेज किया गया है। रांची से मुख्य रूप से इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें संचालित होती हैं। यात्रियों को सुरक्षा जांच और संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए घरेलू उड़ान के निर्धारित समय से कम से कम दो घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी जा रही है।

रांची रेल मंडल में भी त्योहार के दौरान यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। रांची जंक्शन पर बैरिकेडिंग के जरिए यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से प्रवेश देने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही अतिरिक्त टिकट काउंटर, चार ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन और मोबाइल यूटीएस सहायकों की तैनाती की जानकारी दी गई है। मंडल स्तर पर भीड़ प्रबंधन की तैयारियों की निगरानी की जा रही है।

एयरपोर्ट निदेशक और रेलवे अधिकारी ने दी जानकारी

बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार ने कहा कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने से हवाई किराये में भी बढ़ोतरी होती है। अलग-अलग एयरलाइंस अपनी नीति के अनुसार किराया तय करती हैं। टिकटों की उपलब्धता कम होने पर भी किराये बढ़ जाते हैं। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं और भीड़ नियंत्रित करने के लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं।

वहीं, रांची रेल मंडल की सीनियर डीसीएम श्रेया सिंह ने कहा कि त्योहारों में यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। जरूरत के अनुसार ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी लगाए गए हैं। स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

समय रहते बुकिंग करना जरूरी

दीपावली और छठ के दौरान यात्रा करने वालों के लिए जरूरी है कि वे अपनी यात्रा की तारीख तय करते ही ट्रेन और विमान के टिकटों की उपलब्धता जांच लें। नियमित ट्रेनों में वेटिंग होने पर स्पेशल ट्रेनों के विकल्प देखे जा सकते हैं। हवाई टिकट बुक करने से पहले अलग-अलग उड़ानों और तारीखों के किराये की तुलना करना भी उपयोगी होगा।

त्योहारों में घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से रेल और हवाई यातायात, दोनों पर दबाव है। ऐसे में समय रहते टिकट बुक करना ही अतिरिक्त खर्च और आखिरी समय की परेशानी से बचने का बेहतर उपाय हो सकता है।

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