साहिबगंज/रांची। झारखंड के उभरते एथलीट एमानुएल किस्कू ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए राज्य का नाम रोशन किया है। साहिबगंज के एमानुएल ने चेन्नई में आयोजित 41वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अंडर-16 बालक वर्ग की 80 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। उन्होंने फाइनल में 10.10 सेकेंड का समय निकालकर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
दो बार तोड़ा राष्ट्रीय रिकॉर्ड
तमिलनाडु के चेन्नई स्थित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 23 से 27 अक्टूबर तक आयोजित प्रतियोगिता में एमानुएल ने शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले हिट में 10.17 सेकेंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। इसके बाद फाइनल में अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हुए 10.10 सेकेंड में दौड़ पूरी की और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया।
इस तरह एमानुएल ने प्रतियोगिता के दौरान दो बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड में सुधार किया। उनका यह प्रदर्शन झारखंड की जूनियर एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
महज 0.01 सेकेंड से जीता स्वर्ण
80 मीटर हर्डल्स का फाइनल बेहद रोमांचक रहा। एमानुएल किस्कू ने 10.10 सेकेंड के समय के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि केरल के गौरीश विनय ने 10.11 सेकेंड में दौड़ पूरी कर रजत पदक जीता। बिहार के रोहित राज 10.26 सेकेंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
एमानुएल और गौरीश विनय के बीच स्वर्ण पदक के लिए केवल 0.01 सेकेंड का अंतर रहा। इस करीबी मुकाबले में एमानुएल ने अपनी गति और दमदार प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया।
साहिबगंज के प्रशिक्षण केंद्र में लेते हैं प्रशिक्षण
एमानुएल किस्कू साहिबगंज के सिदो-कान्हू स्टेडियम में खेल विभाग की ओर से संचालित आवासीय बालक एथलेटिक्स प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षु हैं। वह कोच योगेश यादव के मार्गदर्शन में अभ्यास करते हैं। एमानुएल राजस्थान इंटर विद्यालय के छात्र भी हैं।
नियमित अभ्यास और प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन के जरिए उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। इससे पहले वह पूर्वी क्षेत्र जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भी 80 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में रजत पदक जीत चुके हैं।
झारखंड एथलेटिक्स संघ ने दी बधाई
एमानुएल की इस उपलब्धि पर झारखंड एथलेटिक्स संघ के पदाधिकारियों और खेल जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई दी। उनकी सफलता को राज्य में उभरती खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।
राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतकर एमानुएल ने यह साबित किया है कि उचित प्रशिक्षण, निरंतर मेहनत और समर्पण से छोटे शहरों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उनकी इस सफलता से साहिबगंज सहित पूरे झारखंड में खुशी का माहौल है।

