रांची। बोकारो में CCR DSP के पद पर पदस्थापित झारखंड पुलिस के अधिकारी रामप्रवेश कुमार के खिलाफ उनकी पत्नी ने गंभीर आरोप लगाते हुए रांची के सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पत्नी ने पति पर मारपीट करने, प्रताड़ित करने और मायके से पैसे लाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, महिला को कथित तौर पर करीब 10 दिनों तक एक कमरे में बंद रखकर मारपीट की गई।
पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक लगाए गए आरोपों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
क्या है मामला
पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी रामप्रवेश कुमार से 11 मार्च 2026 को हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति द्वारा मायके से पैसे लाने के लिए उस पर दबाव बनाया जाने लगा। महिला का कहना है कि उसने बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मायके से पैसे नहीं लाने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि पिछले करीब 10 दिनों से उसे घर के एक कमरे में कथित तौर पर बंद रखा गया था और उसी दौरान उसके साथ मारपीट की गई।
मारपीट में घायल होने का आरोप
महिला के मुताबिक, लगातार मारपीट के कारण वह घायल हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद उसके परिजन मौके पर पहुंचे और उसे रांची लाया गया। इसके बाद महिला को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पीड़िता के परिवार के पुलिस विभाग से जुड़े होने की भी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि उसके पिता DSP स्तर के अधिकारी हैं और रांची के सदर थाना क्षेत्र में रहते हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल के साथ पीड़िता और उसके परिजनों के बयान दर्ज कर सकती है। मामले से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ और घटना से संबंधित साक्ष्यों को जुटाने की प्रक्रिया भी की जा सकती है।
जांच के दौरान अस्पताल से संबंधित मेडिकल दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा सकती है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पति-पत्नी के बीच विवाद की शुरुआत किस वजह से हुई और शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है।
DSP का पक्ष नहीं आया सामने
पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में DSP रामप्रवेश कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। ऐसे में मामले में उनका पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, FIR में दर्ज आरोपों के आधार पर सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों, बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

