बोकारो: चंदनकियारी में निर्माणाधीन एप्रोच रोड का गार्डवाल धंसने के बाद अब इसको लेकर सियासत भी तेज हो गई है। जेएलकेएम के केंद्रीय महासचिव सह चंदनकियारी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अर्जुन रजवार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्य सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अर्जुन रजवार ने कहा कि “अब चंदनकियारी में विकास को पोलिथिन से ढकने का काम किया जा रहा है।” उनका आरोप है कि हुटुपाथर-मिर्धा पीडब्ल्यूडी सड़क पर घाघरी और कालियादाग गांव के समीप खलिसा नदी पुल के निर्माणाधीन एप्रोच रोड का गार्डवाल बनने के बाद ही धंस गया।
उन्होंने दावा किया कि ध्वस्त गार्डवाल को लोगों की नजरों से बचाने के लिए उसे पोलिथिन से ढक दिया गया है। अर्जुन रजवार ने इसे विभाग की नाकामी छिपाने की कोशिश बताते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि करीब दो करोड़ रुपये की लागत से खलिसा नदी पुल के दोनों ओर संपर्क पथ का निर्माण कराया जा रहा है। एप्रोच रोड और गार्डवाल का शिलान्यास स्थानीय विधायक उमाकांत रजक द्वारा मई महीने में किया गया था।
रजवार का आरोप है कि चंदनकियारी में जनहित के नाम पर निर्माणाधीन इंफ्रास्ट्रक्चर में गड़बड़ियों को छिपाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई से होने वाले विकास कार्यों में यदि अनियमितता होती है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि गार्डवाल धंसने के समय यदि कोई राहगीर या वाहन वहां से गुजर रहा होता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। फिलहाल किसी तरह की अनहोनी नहीं हुई।
अर्जुन रजवार ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के पैसे को विकास के नाम पर बंदरबांट करने वालों को जनता आने वाले समय में जवाब देगी।
इधर, गार्डवाल धंसने की घटना के बाद ग्रामीणों में भी नाराजगी है। ग्रामीण निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या गार्डवाल के धंसने की वजह लगातार बारिश है या निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी? इसकी वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आएगी.
सभी ग्रामीणों की नजर अब इस बात पर है कि संबंधित विभाग इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करता है.
पोलिथिन से ढका चंदनकियारी का विकास गार्डवाल धंसने पर अर्जुन रजवार ने उठाए सवाल
बोकारो : चंदनकियारी में निर्माणाधीन एप्रोच रोड का गार्डवाल धंसने के बाद अब इसको लेकर सियासत भी तेज हो गई है। जेएलकेएम के केंद्रीय महासचिव सह चंदनकियारी विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अर्जुन रजवार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर राज्य सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अर्जुन रजवार ने कहा कि “अब चंदनकियारी में विकास को पोलिथिन से ढकने का काम किया जा रहा है।” उनका आरोप है कि हुटुपाथर-मिर्धा पीडब्ल्यूडी सड़क पर घाघरी और कालियादाग गांव के समीप खलिसा नदी पुल के निर्माणाधीन एप्रोच रोड का गार्डवाल बनने के बाद ही धंस गया।
उन्होंने दावा किया कि ध्वस्त गार्डवाल को लोगों की नजरों से बचाने के लिए उसे पोलिथिन से ढक दिया गया है। अर्जुन रजवार ने इसे विभाग की नाकामी छिपाने की कोशिश बताते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि करीब दो करोड़ रुपये की लागत से खलिसा नदी पुल के दोनों ओर संपर्क पथ का निर्माण कराया जा रहा है। एप्रोच रोड और गार्डवाल का शिलान्यास स्थानीय विधायक उमाकांत रजक द्वारा मई महीने में किया गया था।
रजवार का आरोप है कि चंदनकियारी में जनहित के नाम पर निर्माणाधीन इंफ्रास्ट्रक्चर में गड़बड़ियों को छिपाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई से होने वाले विकास कार्यों में यदि अनियमितता होती है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि गार्डवाल धंसने के समय यदि कोई राहगीर या वाहन वहां से गुजर रहा होता तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। फिलहाल किसी तरह की अनहोनी नहीं हुई।
अर्जुन रजवार ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के पैसे को विकास के नाम पर बंदरबांट करने वालों को जनता आने वाले समय में जवाब देगी।
इधर, गार्डवाल धंसने की घटना के बाद ग्रामीणों में भी नाराजगी है। ग्रामीण निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यही है कि क्या गार्डवाल के धंसने की वजह लगातार बारिश है या निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी? इसकी वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आएगी.
सभी ग्रामीणों की नजर अब इस बात पर है कि संबंधित विभाग इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करता है.


