धनबाद: कतरास के रामकनाली ओपी क्षेत्र स्थित केशालपुर कुम्हारपट्टी में रविवार सुबह मिट्टी धंसने से बड़ा हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि कुछ ग्रामीण कोयला चुनने के लिए खनन क्षेत्र में गए थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा धंस गया और कई लोग मलबे में दब गए।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। मलबा हटाकर कुछ लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें से तीन को अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि, मृतकों की संख्या और पहचान को लेकर आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
अचानक धंसी मिट्टी, मलबे में दबे कई लोग
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह कुछ स्थानीय लोग केशालपुर कुम्हारपट्टी इलाके में कोयला चुनने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। इसकी चपेट में आने से वहां मौजूद कई लोग मलबे में दब गए।
घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर मलबा हटाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद कुछ लोगों को बाहर निकाला गया।
अस्पताल ले जाने पर तीन लोगों को मृत घोषित किया गया
स्थानीय लोगों के अनुसार, मलबे से निकाले गए तीन लोगों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतकों में केवट कूली निवासी मुनिया देवी और बेलगोंजाबाद निवासी एक व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है। हालांकि, मृतकों की पूरी पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कई लोगों के दबे होने की आशंका
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने करीब पांच से छह अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई है। ग्रामीण लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ लोग हादसे से पहले ही सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे थे।
घटना के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। हादसे ने क्षेत्र में कोयला खनन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अधिकारियों के बयानों में क्या सामने आया?
बाघमारा डीएसपी अजित कुमार विमल ने बताया कि उन्हें फिलहाल घटना की स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। ऐसे में हादसे में कितने लोग दबे हैं और कितनी मौतें हुई हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
वहीं, ग्रामीण एसपी मोहम्मद याकूब ने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी मिली है। हालांकि, अभी मौतों की संख्या के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ कहना संभव नहीं है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।
रामकनाली ओपी प्रभारी अलीशा अग्रवाल के अनुसार, ग्रामीण कोयला चुनने के लिए गए थे और इसी दौरान अचानक मिट्टी धंसने से हादसा हुआ। उन्होंने इसे अवैध उत्खनन के दौरान हुई दुर्घटना मानने से इनकार किया है। ओपी प्रभारी ने दो लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
पहले यहां होता था अवैध खनन
स्थानीय यूनियन नेता विमलेश दुबे ने बताया कि हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उन्होंने भी इसे अवैध खनन के दौरान हुआ हादसा मानने से इनकार किया।
उनके मुताबिक, आसपास के गांवों के कुछ लोग परिवार के भरण-पोषण के लिए कोयला चुनने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी धंस गई। उन्होंने बताया कि इस स्थान पर पहले अवैध खनन होता था, लेकिन बाद में बीसीसीएल की ओर से इसे भर दिया गया था।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका को देखते हुए तलाश जारी है। हादसे में मौतों की वास्तविक संख्या और मृतकों की पहचान की आधिकारिक जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

