नई दिल्ली: भारत में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ब्रिक्स अब अपने तीसरे दशक में प्रवेश करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया को अब इस समूह से केवल विचार और प्रतिबद्धता नहीं, बल्कि ठोस नतीजों की भी उम्मीद है। पीएम मोदी ने ब्रिक्स के अगले मेजबान चीन को शुभकामनाएं दीं।
खबर के मुख्य बिंदु
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ब्रिक्स का तीसरा दशक: पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है।
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ठोस नतीजों पर जोर: उन्होंने कहा कि दुनिया अब समूह से विचारों के साथ-साथ ठोस परिणामों की अपेक्षा कर रही है।
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2027 की मेजबानी: चीन को अगले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी मिली है।
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समापन भाषण: पीएम मोदी ने नई दिल्ली घोषणा-पत्र को साझा विजन और भविष्य के सहयोग की दिशा तय करने वाला बताया।
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मिस्र के राष्ट्रपति से मुलाकात: पीएम मोदी ने भारत मंडपम में अब्देल फत्ताह अल-सिसी से द्विपक्षीय वार्ता की।
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वैश्विक मुद्दों पर चर्चा: सम्मेलन में मध्य पूर्व के बढ़ते तनाव, परमाणु सुरक्षा और एकतरफा प्रतिबंधों पर भी चिंता जताई गई।
पीएम मोदी ने दिया समापन भाषण
ब्रिक्स समिट 2026 के समापन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले दो दिनों की चर्चाओं ने इस विश्वास को मजबूत किया है कि ब्रिक्स केवल देशों का समूह नहीं, बल्कि समाधान देने वाला एक इकोसिस्टम है।
उन्होंने कहा कि समिट में अपनाया गया नई दिल्ली घोषणा-पत्र साझा विजन और भविष्य के सहयोग को स्पष्ट दिशा देगा। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि सम्मेलन के परिणामों को समयबद्ध कार्रवाई और अंतिम स्तर तक प्रभाव से जोड़ना होगा, ताकि वे केवल दस्तावेजों तक सीमित न रहें, बल्कि वास्तविक दुनिया में असर दिखाएं।
चीन को मिली 2027 की मेजबानी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स अपने तीसरे दशक में प्रवेश करने जा रहा है और दुनिया अब समूह से ठोस नतीजों की उम्मीद कर रही है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से इन अपेक्षाओं पर खरा उतरने का भरोसा है।
पीएम मोदी ने अगले मेजबान चीन को शुभकामनाएं दीं। साथ ही, उन्होंने नई दिल्ली समिट को सफल बनाने के लिए सभी देशों के नेताओं और उनकी टीमों की सराहना की।
मिस्र के राष्ट्रपति से मिले पीएम मोदी
ब्रिक्स समिट 2026 के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी से मुलाकात की। यह सम्मेलन के दौरान होने वाली कई द्विपक्षीय बैठकों में से एक थी।
मध्य पूर्व के तनाव पर जताई गई चिंता
सम्मेलन के पहले दिन ब्रिक्स देशों के नेताओं ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कथित अमेरिकी हमलों पर चिंता व्यक्त करते हुए हथियारबंद संघर्षों के दौरान परमाणु सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संयुक्त बयान में अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों को कमजोर करने वाले एकतरफा प्रतिबंधों की आलोचना की गई। नेताओं ने वैश्विक संस्थानों में विकासशील देशों के लिए अधिक प्रतिनिधित्व की मांग भी दोहराई।

