HomeLatest Newsदेवघर में सांपों के खौफ से राहत, वन विभाग ने बनाई विशेष...

देवघर में सांपों के खौफ से राहत, वन विभाग ने बनाई विशेष ‘स्नेक रेस्क्यू टीम’

देवघर: मानसून के दौरान सांपों के निकलने और मानव-सांप संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए देवघर में सांपों के सुरक्षित रेस्क्यू के लिए विशेष रेस्क्यू टीम का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य आबादी वाले इलाकों में पहुंचने वाले सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उन्हें उनके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ना है।

सांप निकलने पर तुरंत पहुंचेगी रेस्क्यू टीम

नई व्यवस्था के तहत घर, दुकान, संस्थान या अन्य रिहायशी इलाकों में सांप दिखाई देने की सूचना मिलने पर प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंचेगी। टीम सावधानीपूर्वक सांप को पकड़कर उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ेगी।

इस पहल से लोगों को खुद सांप पकड़ने या उसे मारने की कोशिश करने से बचने में मदद मिलेगी। जहरीले सांपों के मामले में थोड़ी सी लापरवाही भी खतरनाक साबित हो सकती है।

मानसून में बढ़ जाता है सांपों का खतरा

बारिश के मौसम में सांपों के बिलों और प्राकृतिक ठिकानों में पानी भरने के कारण उनके रिहायशी इलाकों की ओर आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

झारखंड सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मानसून की बारिश और उमस भरी गर्मी शुरू होते ही राज्य के ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं। सरकार ने सर्पदंश की रोकथाम और उपचार के लिए Snake Bite Prevention & Control कार्यक्रम भी लागू किया है।

सांप दिखे तो क्या करें?

विशेषज्ञों के मुताबिक घर या आसपास सांप दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए संबंधित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना देनी चाहिए।

सांप को मारने की कोशिश करने के बजाय उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करना मानव और वन्यजीव दोनों के लिए बेहतर विकल्प है।

सर्पदंश की स्थिति में अस्पताल पहुंचना जरूरी

अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। झारखंड सरकार ने भी सर्पदंश के मामलों में समय पर चिकित्सकीय उपचार सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों में Anti Snake Venom उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर जोर दिया है।

सरकार का लक्ष्य सर्पदंश से होने वाली मौतों और विकलांगता को कम करना है। ऐसे में जागरूकता, समय पर अस्पताल पहुंचना और प्रशिक्षित रेस्क्यू व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments