देवघर। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत सोमवार को झारखंड के देवघर पहुंचे। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मुख्य न्यायाधीश के दौरे का प्रमुख उद्देश्य आम लोगों को कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा।
देवघर पहुंचने पर मुख्य न्यायाधीश का स्वागत प्रशासनिक अधिकारियों ने किया। अपने दौरे के दौरान उन्होंने बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया। इसके बाद वे देवघर व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय विधिक सेवा-सह-सशक्तीकरण शिविर में शामिल हुए।
विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और कानूनी सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना है। शिविर के माध्यम से जरूरतमंदों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में पात्र लाभुकों के बीच सरकारी योजनाओं के तहत परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। इसके अलावा पीड़ितों को आर्थिक सहायता के चेक और जरूरतमंद बच्चों को प्रोजेक्ट शिशु के तहत सहायता उपलब्ध कराई गई।
रांची हाईकोर्ट में डिजिटल सुविधाओं की भी शुरुआत
देवघर कार्यक्रम के बाद मुख्य न्यायाधीश का रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट में भी कार्यक्रम निर्धारित था। यहां करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक डेटा सेंटर का उद्घाटन किया जाना है। इसके साथ हाईकोर्ट की नई वेबसाइट, मोबाइल एप और ऑनलाइन सर्टिफाइड कॉपी मॉड्यूल जैसी डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत भी प्रस्तावित है।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन रहा सतर्क
मुख्य न्यायाधीश के दौरे को लेकर देवघर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष रूट चार्ट तैयार किया गया था।
मुख्य न्यायाधीश का यह दौरा झारखंड में विधिक जागरूकता, जरूरतमंदों तक न्याय की पहुंच और न्यायिक व्यवस्था के डिजिटलीकरण के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा।

