HomeLatest Newsपंचायतों का कैसे हो विकास, जब योजनाओं में है गड़बड़ी के आसार

पंचायतों का कैसे हो विकास, जब योजनाओं में है गड़बड़ी के आसार

-विष्णुगढ़ की अलपीटो पंचायत में 15वें वित्त की 6 में से 5 योजनाओं में अनियमितता
-सभी 24 पंचायतों की जांच हो, तो सामने आ सकती है असलियत
-अंचल अधिकारी की जांच में गड़बड़ी उजागर होने का दावा, बीडीओ पर कार्रवाई नहीं करने और कथित तौर पर मामले की लीपापोती कर अनियमितताओं को दबाने की कोशिश का आरोप
-अजय निराला/उज्जवल दुनिया संवाददाता
हजारीबाग। जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड में पंचायतों का विकास कैसे हो, जब योजनाओं में गड़बड़ी के आसार बताए जा रहे हों। ग्रामीणों के अनुसार विष्णुगढ़ प्रखंड की अलपीटो पंचायत का एक ऐसा ही मामला सामने आया है। इसमें 15वें वित्त आयोग की योजनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में पंचायत में आठ योजनाएं स्वीकृत हुईं, जिनमें छह पर काम शुरू हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि इन छह में से पांच योजनाओं में अंचल अधिकारी की जांच के दौरान अनियमितताएं सामने आईं।

मामले में प्रखंड विकास पदाधिकारी मधुश्री मिश्रा की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि अनियमितताओं में शामिल अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संवेदकों के खिलाफ न तो कार्रवाई की गई और न ही जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। बीडीओ पर कथित रूप से हिस्सेदारी लेकर मामले की लीपापोती करने और अनियमितताओं को दबाने की कोशिश करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है। बीडीओ का कहना है कि पंचायत सेवक से बात करेंगे, तभी कुछ बता सकते हैं।

जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर सवाल
अगर अंचल अधिकारी की जांच में अनियमितताएं सामने आई हैं, तो संबंधित योजनाओं के अभिलेखों, निर्माण कार्यों और खर्च की गई राशि की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। सवाल उठता है कि जांच के बाद अब तक क्या कदम उठाए गए हैं? क्या संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगा गया है या मामले की लीपापोती कर उसे दबाने की कोशिश की जा रही है?

सभी 24 पंचायतों की जांच की मांग
एक पंचायत की छह में से पांच योजनाओं में अनियमितता सामने आने की बात ने निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि विष्णुगढ़ प्रखंड की सभी 24 पंचायतों में 15वें वित्त आयोग की योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो कितनी गड़बड़ियां उजागर होंगी? अब सवाल यह है कि जिला प्रशासन मामले में क्या कार्रवाई करता है और अन्य पंचायतों की योजनाओं की जांच कब कराई जाती है। 15वें वित्त आयोग की राशि का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास करना है। यदि योजनाओं के निर्माण में अनियमितता होती है, तो इसका सीधा असर सरकारी धन के सदुपयोग और ग्रामीण विकास पर पड़ता है। इसलिए जिला प्रशासन को अलपीटो पंचायत की योजनाओं की जांच के निष्कर्षों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो सके।

 

 

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